ज्योतिष

‘जया एकादशी’ पर मिटेंगे सभी पाप, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और भगवान विष्णु की पूजा विधि

Aaj Ka Panchang 29 January 2026: आज 29 जनवरी 2026 दिन गुरुवार है. पचांग के अनुसार माघ शुक्ल पक्ष की ‘जया एकादशी’ तिथि है. एकादशी तिथि सुबह 11 बजकर 38 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि का आगमन होगा. इस पवित्र तिथि पर जया एकादशी व्रत रखने का विधान है, जिसमें भक्त श्रद्धापूर्वक भगवान विष्णु के ‘माधव’ स्वरूप की पूजा-अर्चना कर अपने कष्टों से मुक्ति पाने के लिए प्रार्थना करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि विधि-विधान से किया गया यह व्रत न केवल पापों का नाश करता है, बल्कि व्यक्ति को सुख-समृद्धि और मानसिक शांति का आशीर्वाद भी प्रदान करता है. आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: से आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ समय और उपाय…

आज का पंचांग 29 जनवरी 2026

तिथि: पंचांग के अनुसार आज माघ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि दिन 11 बजकर 38 मिनट तक रहेगी. इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी.
वार: गुरुवार
शक संवत: 1947.
सूर्योदय: 06:35 AM.
सूर्यास्त: 05:31 PM.
अयन: उत्तरायण.
ऋतु: शिशिर.

नक्षत्र, योग व करण

नक्षत्र: मृगशिरा नक्षत्र. रात 3 बजकर 43 मिनट तक उपरांत आर्द्रा
योग: ऐंद्र योग रात 07:08 PM तक, उसके बाद वैधृति
करण: विष्टि (भद्रा) दोपहर 12:37 PM तक, उसके बाद बव करण.

ग्रह स्थिति (सूर्योदय कालीन)

चंद्रमा: वृषभ राशि
सूर्य: मकर राशि
देव गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि (वक्री).
मंगल: मकर राशि
बुध: मकर राशि
शुक्र: मकर राशि
शनि : मीन राशि
राहु : कुंभ राशि
केतु सिंह राशि

दिन का चौघड़िया (पटना)

शुभ (उत्तम): 06:35 AM से 07:57 AM.
रोग (अशुभ): 07:57 AM से 09:19 AM.
उद्वेग (अशुभ): 09:19 AM से 10:41 AM.
चर (सामान्य): 10:41 AM से 12:03 PM.
लाभ (उन्नति): 12:03 PM से 01:25 PM.
अमृत (सर्वोत्तम): 01:25 PM से 02:47 PM.
काल (हानि): 02:47 PM से 04:09 PM.
शुभ (उत्तम): 04:09 PM से 05:31 PM.

शुभ समय (मुहूर्त)

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:42 AM से 12:25 PM.
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:55 PM से 02:39 PM.
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:01 AM से 05:48 AM.

अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 01:25 PM से 02:47 PM.
यमगण्ड: सुबह 06:35 AM से 07:57 AM.
गुलिक काल: सुबह 09:19 AM से 10:41 AM.

दिशाशूल: दक्षिण दिशा (यदि यात्रा आवश्यक हो तो दही खाकर निकलें).

जया एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा विधि

स्नान और व्रत संकल्प: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, पीले वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें.
अभिषेक और तिलक: भगवान विष्णु की मूर्ति को गंगाजल से स्नान कराकर पीले चंदन का तिलक लगाएं.
पूजन सामग्री: भगवान को पीले फूल, धूप, दीप और मौली अर्पित करें.
तुलसी अर्पण: विष्णु जी को तुलसी दल (पत्ता) अर्पित करें.
मंत्र जाप: ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें.
आरती: पूजा के अंत में जया एकादशी की व्रत कथा पढ़ें और घी के दीपक से आरती कर भोग लगाएं.

आज का विशेष योग व उपाय

विशेष: आज जया एकादशी का व्रत रखा जाएगा. यह व्रत पापों से मुक्ति और सौभाग्य के लिए श्रेष्ठ माना जाता है.
सरल उपाय: एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें. “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें. चने की दाल या केसर का दान करना भी लाभदायक होता है.

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