जल्द बाजार में बिकने लगेगा ये जहर, मौत खरीदेंगे लोग, खाते ही होगा ऐसा हाल!

वैसे तो सर्दियों में कई तरह के फल और सब्जियां मार्केट में आ जाते हैं लेकिन आज हम एक ऐसे फल की बात करने जा रहे हैं, जिसे अगर जहर कहा जाए तो गलत नहीं होगा. कई लोग इस खास फल के लिए सर्दियों का इन्तजार करते हैं लेकिन इसे खाने का मतलब है खुदखुशी करना.
सर्दियों के सबसे टेस्टी फल में अंगूर शामिल है. होली तक इस फल को लोग जमकर खाते हैं. पहले बाजार में अंगूर खरीदना रिस्की काम होता था. अंगूर खट्टे निकल जाते थे. लेकिन अब तो जिस अंगूर को खाए, वो मीठा ही होगा. आखिर ऐसा कैसे हो गया कि अब अंगूर खट्टे नहीं होते. इसकी एक खास वजह है.
आज अंगूर दिखने में जितना मीठा होता है, उतना ही अंदर से खतरनाक होता है. इसकी मिठास केमिकल से आती है. बाजार में चमचमाते काले-हरे अंगूर देखकर मुंह में पानी आ जाता है. लेकिन ये मिठास प्राकृतिक नहीं, केमिकल की देन है. किसान फसल को जल्दी बड़ा करने, चमकदार बनाने और कीटों से बचाने के लिए पेस्टिसाइड, फंगीसाइड और ग्रोथ हार्मोन का छिड़काव करते हैं. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) की रिपोर्ट कहती है कि क्लोरपाइरीफॉस, कार्बेंडाजिम, प्रोफेनोफॉस जैसे खतरनाक केमिकल अंगूर में 50 गुना तक ज्यादा पाए जाते हैं. इसके अलावा लेड और आर्सेनिक की मात्रा WHO लिमिट से 200% ऊपर तक पाई जाती है.
इन केमिकलों को अंगूर की पतली छिलके सोख लेती है. ऊपर से वैक्स की चमकदार कोटिंग की जाती है जो दिखने में तो अच्छी लगती है, लेकिन अंदर जहर छिपाए रखती है. अगर इसे अच्छे से ना धोया जाए तो खाना बेहद नुकसानदायक होगा. अगर इन अंगूरों को लाकर सादे पानी से धोया तो इससे कोई फायदा नहीं हैं. ये केमिकल गहराई तक घुस चुके होते हैं. FSSAI की लैब टेस्टिंग में पता चला कि 80% बाजारू अंगूर पेस्टिसाइड लिमिट से ज्यादा दूषित होते हैं. बिना धोए 10-15 अंगूर खाने से शरीर में 0.5 mg क्लोरपाइरीफॉस जाता है जो एक बच्चे के लिए घातक हो सकता है. इससे पांच तरह के प्रभाव हो सकते हैं. 5 मिनट में के अंदर ही मुंह में जलन होने लगेगी और जीभ में सूजन आ जाएगा. इसके अलावा उल्टी, चक्कर, पेट दर्द तक होने लगता है. साथ ही सांस लेने में तकलीफ होने लगती है. लंबे समय तक इसे खाने से लीवर-किडनी फेल होने की संभावना भी हो जाती है.




