जेएनयू में वामपंथी विचारधारा के छात्रों का एबीवीपी के छात्रों पर हमला, कई घायल

नई दिल्ली। जेएनयू में रविवार देर रात छात्र संगठनों में मारपीट की सूचना मिली है। आरोप है कि हथियार, लोहे की रॉड और लाठी लेकर वामपंथी विचारधारा के छात्रों में एबीवीपी के छात्रों पर हमला कर दिया है। यह भी बताया जा रहा है कि इस संघर्ष में कई घायल हुए हैं।
स्टूडेंट्स बुरी तरह घायल
@ABVPVoice ने सोशल मीडिया पर इसको लेकर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “JNU में बेरहमी से हिंसा! लेफ्ट से जुड़े ग्रुप्स के चौंकाने वाले हमले में स्टूडेंट्स बुरी तरह घायल हो गए हैं, उनकी बस इतनी “गलती” थी कि वे लाइब्रेरी में शांति से पढ़ रहे थे।
यह पॉलिटिक्स नहीं है। यह उन स्टूडेंट्स के खिलाफ कायरतापूर्ण, टारगेटेड हिंसा है जो यहां पढ़ने आए थे, हमला करवाने नहीं। आइडियोलॉजिकल गुंडों को कब तककैंपस में आतंक मचाने दिया जाएगा? हम तुरंत गिरफ्तारी और सख्त एक्शन की मांग करते हैं। दिल्ली पुलिस अभी एक्शन लो। स्टूडेंट्स की सेफ्टी का इंतजार नहीं किया जा सकता।
लेफ्टिस्ट गुंडों ने स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज कैंपस के अंदर हमला किया
JNU के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के बायोटेक्नोलॉजी स्टूडेंट प्रतीक भारद्वाज पर कथित तौर पर लेफ्टिस्ट गुंडों ने स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज कैंपस के अंदर हमला किया। पहले उसे फायर एक्सटिंग्विशर पाउडर से अंधा कर दिया गया और फिर बेरहमी से पीटा गया। यह भी आरोप है कि इस जानलेवा हमले के दौरान एक सिलेंडर भी खोला गया और उसका इस्तेमाल किया गया।
JNUSU जॉइंट सेक्रेटरी, ABVP, वैभव मीणा ने कहा, “लेफ्ट विंग की हड़ताल पिछले 7-8 दिनों से यहां चल रही है। जिस तरह का आतंक उन्होंने रात भर फैलाया है, वे स्कूलों में गए और 300-400 नकाबपोश लोगों की भीड़ ने स्टूडेंट्स को स्टडी रूम से भगा दिया। विजय को 100-150 लोगों की भीड़ ने मॉब लिंच कर दिया। दिल्ली पुलिस ने कुछ नहीं किया, हम इसकी निंदा करते हैं।”
JNU मीडिया कन्वीनर, ABVP, विजय जायसवाल ने कहा, “ये लेफ्ट-विंग के लोग जो 7 दिनों से प्रोटेस्ट कर रहे थे, आज उन्होंने ABVP वर्कर्स और स्टूडेंट्स को टारगेट किया… करीब 100-150 लोगों ने मॉब लिंचिंग की। दिल्ली पुलिस और JNU सिक्योरिटी गार्ड भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। यह प्री-प्लान्ड था। ये नकाबपोश लोग थे। हम मांग करते हैं कि JNU एडमिनिस्ट्रेशन इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ एक्शन ले।”
कुलगुरु से इस्तीफे की मांग
गौरतलब है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कुलगुरु शांतिश्री डी. पंडित के कथित बयान को लेकर छात्र राजनीति गरमा गई है। रविवार रात परिसर में छात्र संघ ने ‘समता जुलूस’ निकालकर कुलगुरु से इस्तीफे और जवाबदेही की मांग की, जबकि निष्कासित पदाधिकारियों का धरना भी जारी है।
छात्र नेताओं का आरोप है कि कुलगुरु ने यूजीसी के इक्विटी रेगुलेशन को अनावश्यक बताते हुए एक वर्ग विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे विश्वविद्यालय की समावेशी परंपरा आहत हुई है। इस बीच देर रात छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प सामने आई है।




