तेहरान जेल में बंद गाजियाबाद का युवक, भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप से माता-पिता से कराई गई बेटे की बात

गाजियाबाद: दुबई की तेल कंपनी में काम करने वाले गाजियाबाद की डीएलएफ कॉलोनी निवासी केतन मेहता का पता लग चुका है। वह तेहरान की जेल में बंद हैं। बतौर मरीन इंजीनियर काम करने वाले मेहता ईरान से तेल का जहाज लेकर जा रहे थे। 6 जनवरी को कोस्ट गार्ड ने उन्हें 16 क्रू मेंबर के साथ अरेस्ट किया। इधर, दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर बुधवार को ईरान में भारतीय दूतावास के अफसरों ने जेल से केतन की फोन पर माता-पिता से बातचीत कराई।
इंजीनियर के पिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि 26 जनवरी को पूरा देश खुशियां मनाएगा। ऐसे में आप मेरे बेटे को सुरक्षित लाने में मदद करें। उसके बिना एक-एक पल काटना मुश्किल हो रहा है।
डीएलएफ कॉलोनी निवासी मुकेश मेहता के पुत्र केतन मेहता मरीन इंजीनियर हैं। पिछले साल जून में उन्होंने दुबई की तेल कंपनी में जॉइन किया। 6 जनवरी को वह अपनी टीम के साथ ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह से तेल लेकर जा रहे जहाज ऑयल टैंकर पर मौजूद थे। किसी कारणवश कोस्ट गार्ड्स ने पूरी टीम को गिरफ्तार कर लिया था। इस बात को लेकर संशय था कि कोस्ट गार्ड्स कहीं अमेरिका से संबंधित न हो। उसके बाद से केतन का कुछ पता नहीं लग रहा था। बेटे के बारे में पता करने के लिए पिता ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
पिता को बंधी आस
मुकेश मेहता ने बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने कार्रवाई कर पता लगाया तो उनका बेटा तेहरान की जेल में बंद मिल गया। वहां दूतावास के अधिकारियों के कहने पर जेल अधिकारियों ने उनके बेटे से बात कराई। बेटे केतन ने बताया कि उन्हें जेल में बिस्तर और कंबल और तीनों टाइम खाना मिलता है।
जेल में कुल 16 भारतीय और दो विदेशी बंद हैं। हालांकि, वह कब जेल से छूटेगा नहीं पता। दूतावास अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जेल प्रशासन उनके बेटे से बात करवाता रहेगा। केतन के पिता ने बताया कि बेटे के बारे में सकुशल होने की जानकारी मिलने पर उन्हें और उसकी मां रजनी को कुछ राहत मिली है। हालांकि, जब तक वह अपने घर नहीं लौटता, तब तक जान अटकी रहेगी। उन्हें प्रधानमंत्री मोदी पर विश्वास है कि उनका प्रयास होगा तो बेटा सुरक्षित आ जाएगा।
जेल में कुल 16 भारतीय और दो विदेशी बंद हैं। हालांकि, वह कब जेल से छूटेगा नहीं पता। दूतावास अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जेल प्रशासन उनके बेटे से बात करवाता रहेगा। केतन के पिता ने बताया कि बेटे के बारे में सकुशल होने की जानकारी मिलने पर उन्हें और उसकी मां रजनी को कुछ राहत मिली है। हालांकि, जब तक वह अपने घर नहीं लौटता, तब तक जान अटकी रहेगी। उन्हें प्रधानमंत्री मोदी पर विश्वास है कि उनका प्रयास होगा तो बेटा सुरक्षित आ जाएगा।




