‘तो इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएगा…कराची का रास्ता…’ पाक को सर क्रीक पर राजनाथ की चेतावनी

चोर चोरी से जाय, हेराफेरी से न जाए। पाकिस्तान पश्चिमी सीमा पर यह कहावत दोहराने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान की इस हरकत पर रक्षा मंत्री ने विजयादशमी के दिन सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि दुश्मन यह न भूले कि सर क्रीक का एक रास्ता कराची तक जाता है।
नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विजयादशमी के मौके पर गुजरात के भुज सेक्टर में सेना के साथ शस्त्र पूजा कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान एयर डिफेंस गन L-70 भी डिस्प्ले की गई। इस गन ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की तरफ से आए सैकड़ो ड्रोन मार गिराए थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि जिस तरह से हाल में पाकिस्तान की फौज ने सर क्रीक से सटे इलाके में अपना मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया है, उससे पता चलता है कि उसकी नीयत में खोट है।
‘इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएगा’
राजनाथ सिंह ने कहा कि आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी सर क्रीक इलाके में सीमा को लेकर एक विवाद खड़ा किया जाता है। भारत ने कई बार बातचीत के रास्ते इसका समाधान निकालने की कोशिश की है, मगर पाकिस्तान की नीयत में ही खोट है। जिस तरह से हाल में पाकिस्तान की फौज ने सर क्रीक से सटे इलाकों में अपना मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया है, वह उसका नापाक इरादा बताता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर सर क्रीक इलाके में पाकिस्तान की ओर से कोई भी गुस्ताखी की गई तो उसे ऐसा करारा जवाब मिलेगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएगा। पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि कराची का एक रास्ता क्रीक से होकर गुजरता है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी की गुस्ताखी
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने लेह से लेकर सर क्रीक के इस इलाके तक भारत के डिफेंस सिस्टम को भेदने की नाकाम कोशिश की। जबकि भारत की सेनाओं ने पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से एक्सपोज कर दिया और दुनिया को यह संदेश दे दिया कि भारत की सेनाएं जब चाहें, जहां चाहें और जैसे भी चाहें पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
L-70 गन के पूजन के माध्यम से संदेश
शस्त्र पूजा के दौरान L-70 के डिस्प्ले के जरिए भी पाकिस्तान को संदेश दिया गया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एयर डिफेंस गन L-70, ZU-23mm और शिल्का जैसी पारंपरिक गन ने कम ऊंचाई वाले ड्रोन और स्वॉर्म ड्रोन को नष्ट करने में अहम भूमिका निभाई थी। इन्होंने यह सुनिश्चित किया कि दुश्मन के ड्रोन हमलों के बीच भी भारत का आकाश सुरक्षित बना रहे। L-70 गन की रेंज साढ़े तीन किलोमीटर से ज्यादा है। इसमें हाई रिजॉल्यूशन सेंसर लगाया गया है, जिससे यह दिन और रात हर समय काम कर सकता है। एक मिनट में यह 300 राउंड फायर कर सकती है।
रातों-रात सेना ने बदल दी सीमा की सूरत
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की तरफ से भारत के मिलिट्री ठिकानों और सिविल एरिया को टारगेट करने के लिए लगातार ड्रोन भेजे गए थे। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के 600 से ज्यादा ड्रोन को मार गिराए। पूरे वेस्टर्न बॉर्डर यानी पाकिस्तान बॉर्डर पर भारतीय सेना ने 1,000 से ज्यादा गन सिस्टम और 750 से ज्यादा शॉर्ट और मीडियम रेंज मिसाइल सिस्टम रातों-रात तैनात कर दिए थे। एक ही रात में भारतीय सेना की एयर डिफेंस की तैनाती शांति काल की स्थिति से ऑपरेशनल तत्परता की स्थिति में आ गई थी।




