दिल्ली में दिखे 90 से ज्यादा फॉग होल, प्रदूषण के बीच राजधानी में हुई इस रिसर्च ने चौंकाया

नई दिल्ली: शहरीकरण के साथ फॉग होल की समस्या भी बढ़ रही है। दिसंबर और जनवरी के दौरान छाने वाली फॉग में होल दिखाई दे रहे हैं। रविवार को घने कोहरे के बावजूद राजधानी समेत पंजाब, हरियाणा, उत्तर पूर्वी राजस्थान, उत्तरी उत्तर प्रदेश और उत्तर पूर्वी बिहार में कई जगहों पर फॉग होल अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन की एक रिसर्च के अनुसार, करीब दो दशकों की फॉग होल पूरी दुनिया में नजर आ रहे हैं, लेकिन दिल्ली-एनसीआर में यह अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक हैं। यह फॉग होल नजर आए।
ज्यादातर शहरी क्षेत्रों में ही नजर आ रहे हैं और खास तौर पर दिल्ली में अधिक हैं। बीते कुछ सालों से घनी और प्रदूषित फॉग इंडो गंगेटिक प्लेन जैसे नॉर्थ इंडिया, पाकिस्तान, नेपाल और बंग्लादेश के लिए समस्या बन गई है। इसका असर हवाई, रेल और सड़क मार्ग पर भी हर साल देखने को मिल रहा है। नासा की सैटलाइट इमेज से फॉग होल को लेकर स्टडी की गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, फॉग होल एशिया, यूरोप और यूएस के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में नजर आ रहे हैं। इस तरह के सबसे अधिक फॉग होल दिल्ली में दिखे हैं। प्रदूषण की वजह से फॉग के बनने की प्रक्रिया धीमी हो रही है। स्टडी में दिल्ली में दिसंबर और जनवरी में 90 से अधिक फॉग होल पाए गए।
यूरोप और यूएस में घट रहा लॉन्ग टर्म फॉग
आकलन में कहा गया है कि अर्बन हीट की वजह से यूरोप और यूएस में लॉन्ग टर्म फॉग घट रही है। अब यह भारत में भी दिखने लगा है। स्काईमेट के चीफ मेट्रोलॉजिस्ट डॉ. महेश पलावत के अनुसार, दिल्ली में फॉग होल की समस्या बढ़ रही है। घनी आबादी वाले क्षेत्र में तापमान में वृद्धि और प्रदूषण की वजह से फॉग जल्दी खत्म हो रही है। फॉग होल उन क्षेत्रों में बन रहे हैं, जहां हरियाली कम है और ट्रैफिक, आबादी व अन्य गतिविधिया अधिक है।
हरियाली की वजह से फॉग रहता है देर तक
फॉग होल का प्रदूषण पर असर पड़ता है। इसके होने से एक निश्चित क्षेत्र में स्मॉग होती है। वहां तापमान अधिक होता है, प्रदूषण देर तक रहता है। इस बारे में अधिक रिसर्च की जरूरत भी है। उन्होंने कहा कि रिज, अरावली, आया नगर आदि क्षेत्रों में हरियाली की वजह से फॉग देर तक बना रहता है। वहीं, साउथ एक्स, आरके पुरम, पंजाबी बाग जैसे क्षेत्रों में फॉग जल्दी खत्म हो रहा है।




