दिवाली से पहले ही दिल्ली में प्रदूषण का विस्फोट, GRAP-3 के बावजूद हवा जहरीली, AQI 400 के पार

Delhi Air Pollution: दिवाली की खुशियां शुरू होने से पहले ही दिल्ली की हवा ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. दिवाली से पहले ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का विस्फोट हो गया है. दिल्ली, नोएडा से लेकर गाजियाबाद तक सांसों पर संकट छा गया है. राजधानी में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक बना हुआ है. दिल्ली में GRAP-3 की पाबंदियां लागू हैं, मगर उसका असर दिख नहीं रहा. दिल्ली में ग्रैप-3 के बावजूद हवा पूरी तरह से जहरीली हो चुकी है. हालात ऐसे हैं कि दिल्ली के 22 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 के पार पहुंच गया है. पंजाबी बाग से लेकर विवेक विहार तक कई इलाकों में लोगों को जहरीली हवा में सांस लेनी पड़ रही है.
जी हां, दिल्ली में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रैप यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-3) की पाबंदियां लागू होने के बावजूद हालात में सुधार नहीं हुआ है. दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) आज यानी शनिवार को 366 दर्ज किया गया है. वहीं, राजधानी के 22 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 के पार पहुंच गया है. इन इलाकों में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई है.
दिल्ली के किन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण?
राजधानी के अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों से मिले आंकड़ों के मुताबिक, कई इलाकों में AQI 400 के पार दर्ज किया गया है. सबसे खराब स्थिति IIT इलाके की रही, जहां AQI 442 तक पहुंच गया. इसके अलावा पंजाबी बाग में 433, विवेक विहार में 427 और जहांगीरपुरी में 421 AQI दर्ज किया गया. दिल्ली के अन्य प्रदूषित इलाकों की बात करें तो रोहिणी में AQI 418, बवाना में 411, DTU में 408, नरेला में 408 और अलीपुर में 402 दर्ज किया गया. इन सभी इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है. आंकड़े बताते हैं कि प्रदूषण की समस्या केवल किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं है, बल्कि राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है.
दिवाली से एक दिन पहले भी दिल्ली की हवा बेहद खराब
* दिल्ली की हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बरकरार, औसत AQI 366 दर्ज.
* दिल्ली के 22 मॉनिटरिंग स्टेशन पर AQI 400 के पार, ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा.
* GRAP-3 की पाबंदियों के बावजूद प्रदूषण के स्तर में सुधार के संकेत नहीं.
दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाके (AQI)
* अलीपुर – 402
* बवाना – 411
* DTU – 408
* IIT – 442
* जहांगीरपुरी – 421
* नरेला – 408
* पंजाबी बाग – 433
* रोहिणी – 418
* विवेक विहार – 427
दिल्ली-NCR का AQI
* नोएडा – 284
* गुरुग्राम – 355
* गाजियाबाद – 286
* फरीदाबाद – 347
क्यों है टेंशन वाली बात
दिवाली से पहले प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य के लिहाज से भी चिंता बढ़ाने वाला है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी बीमारियों से परेशान लोगों को खराब हवा के कारण अधिक परेशानी हो सकती है. राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर इतना अधिक है कि लोगों को बाहर निकलने पर जहरीली हवा का सामना करना पड़ रहा है.
दिल्ली-NCR में भी प्रदूषण से राहत नहीं
दिल्ली के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के शहरों में भी प्रदूषण का स्तर चिंता बढ़ा रहा है. गुरुग्राम में AQI 355 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है. फरीदाबाद में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. यहां AQI 347 रहा. हालांकि, नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर दिल्ली और गुरुग्राम के मुकाबले कम दर्ज किया गया. नोएडा का AQI 284 और गाजियाबाद का 286 रहा. ये दोनों शहर खराब श्रेणी में बने हुए हैं. इससे साफ है कि दिल्ली-NCR के लगभग सभी प्रमुख शहरों में हवा की गुणवत्ता सामान्य से काफी नीचे है.
GRAP-3 लागू, फिर भी क्यों नहीं सुधर रही हवा?
दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए GRAP-3 की पाबंदियां लागू की गई हैं. इसके तहत निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर सख्ती की जाती है. साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले कुछ वाहनों और अन्य गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाए जाते हैं. इन उपायों का मकसद हवा में प्रदूषण के स्तर को बढ़ने से रोकना और स्थिति को नियंत्रित करना है. हालांकि, मौजूदा आंकड़ों से पता चलता है कि इन पाबंदियों के बावजूद राजधानी में प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है. दिवाली से ठीक पहले हवा की गुणवत्ता में गिरावट ने प्रशासन के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी है.
क्या है AQI की अलग-अलग श्रेणियां?
वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI के जरिए हवा में प्रदूषण के स्तर को मापा जाता है. इसके आधार पर हवा को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है. AQI 0 से 50 के बीच रहने पर हवा अच्छी मानी जाती है. 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब और 301 से 400 बेहद खराब श्रेणी में आता है. वहीं, 401 से 500 के बीच AQI को गंभीर माना जाता है. दिल्ली का औसत AQI 366 होने का मतलब है कि राजधानी की हवा बेहद खराब श्रेणी में है. हालांकि, जिन इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया है, वहां स्थिति गंभीर बनी हुई है. दिवाली से पहले प्रदूषण के इन आंकड़ों ने एक बार फिर दिल्ली-NCR में साफ हवा की चुनौती को सामने ला दिया है.




