राष्ट्रीय

दुनिया को मर्यादा सिखाए भारत पर किताब और भाषण से नहीं-मोहन भागवत

एजेंसियां — नागौर, दुनियाभर में चल रहे अस्थिरता के माहौल के बीच आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने दुनिया में भारत की भूमिका कैसी होनी चाहिए, इस पर अपनी बात रखी। भागवत ने इस दौरान कहा कि दुनिया को भारत मर्यादा सिखाए, लेकिन भाषण और पुस्तक से नहीं, बल्कि अपने आचरण से दुनिया को सिखाए। भारत सबकी चिंता करता है। आज बिना स्वार्थ के दुनिया की चिंता करने वाला भारत ही है। भारत ने पाकिस्तान की बाढ़ में मदद की। मालदीव और नेपाल ओर श्रीलंका की भी मदद की।

भागवत ने कहा कि पूरे विश्व के साथ भी भारत के आत्मीयता के संबंध हैं। उन्होंने कहा कि हमारे संबंध बलपूर्वक व आर्थिक ताकत से नहीं हैं। भागवत ने इस दौरान धर्म की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि मदद करना भारत को धर्म सिखाता है। कब क्या करना है और कब क्या नहीं करना , ये सब धर्म सिखाता है। भारत के कण-कण में धर्म है। भारत की मूल भावना ही धर्म आधारित है। आज स्वार्थ सिद्धी ही दुनिया का सिस्टम बन गया, लेकिन भारत ऐसा नहीं करता, क्योंकि भारत धर्म जानता है।

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