दुर्गापुर गैंगरेप: ‘कब और कैसे हुई घटना?’, स्वास्थ्य विभाग ने कॉलेज मैनेजमेंट से मांगी रिपोर्ट

बंगाल सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने दुर्गापुर में मेडिकल कॉलेज की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म पर कॉलेज प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी है। पीड़िता के मित्र की भूमिका संदिग्ध है। टीएमसी ने भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने ममता सरकार पर निशाना साधा है। सरकार ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
कोलकाता। बंगाल सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने दुर्गापुर में निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर कॉलेज प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की है। घटना कब और कैसे हुई, इसका पूरा विवरण देने को कहा गया है।
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता शुक्रवार रात अपने एक मित्र के साथ बाहर खाना खाने गई थी। रास्ते में दो-तीन युवकों ने उन्हें रोका और छात्रा को जबरन उठाकर सुनसान जगह पर ले गए और वहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस मामले में पीड़िता के मित्र की भूमिका संदेह के घेरे में है।
टीएमसी ने भाजपा पर लगाया राजनीति करने का आरोप
दूसरी तरफ राज्य की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री व वरिष्ठ तृणमूल नेत्री डा. शशि पांजा ने इस घटना को लेकर भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हाल में ओडिशा में भी एक कालेज छात्रा से दुष्कर्म की घटना हुई थी, जहां भाजपा की सरकार है। पीड़ित छात्रा ने आत्मदाह कर लिया था। किसी एक घटना को लेकर प्रश्न नहीं किया जाना चाहिए। अगर प्रश्न करना ही है तो देशभर में हो रहीं इस तरह की सभी घटनाओं पर किया जाना चाहिए। ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण व अवांछित हैं, भले वह कहीं भी हो रही हों। डॉ. पांजा ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने घटना की जांच शुरू की है।
भाजपा ने ममता सरकार पर साधा निशाना
मालूम हो कि भाजपा ने इस घटना को लेकर ममता सरकार पर कड़ा निशाना साधा है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री व पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि दुर्गापुर की घटना साबित करती है कि बंगाल में महिलाएं हर जगह असुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विफल और अराजक शासन में बंगाल महिलाओं के लिए बुरे सपने में बदल गया है। ममता बनर्जी ने बंगाल को दुष्कर्मियों व अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना दिया है।
वहीं भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख और बंगाल में पार्टी के केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक अमित मालवीय ने कहा कि जब तक तृणमूल सरकार को जवाबदेह नहीं ठहराया जाएगा, तब तक राज्य की महिलाएं डर के साये में जीती रहेंगी। ममता बनर्जी को 2026 में सत्ता से जाना ही होगा।




