
न्यूजीलैंड के खिलाफ सांसें रोक देने वाले पहले टी20 में टीम इंडिया ने बाजी मार ली. नमन धीर ने 15 गेंद में 42 रनों की तूफानी पारी खेल भारत को हारी हुई बाजी जिताई. 226 रन चेज़ करते हुए भारत ने पावरप्ले यानी शुरुआती 6 ओवर में ही 93 रन बना दिए थे, लेकिन इसके बाद कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर ने एक ऐसा फैसला लिया, जिससे टीम इंडिया हारते-हारते बची. इस फैसले ने टीम इंडिया की लुटिया डुबो दी थी, लेकिन नमन धीर ने अंत में अकेले बाजी पलट दी.
हुआ ये कि न्यूजीलैंड ने क्राइस्टचर्च के हैगली ओवल मैदान पर पहले खेलने के बाद 225 रन बोर्ड पर लगाए थे. अब मैच जीतने के लिए टीम इंडिया को इतिहास रचना था. न्यूजीलैंड को धरती पर भारत का टी20 इंटरनेशनल में अपना सबसे बड़ा रन चेज करना था. अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने उम्मीद से अच्छी शुरुआत दिलाई. दोनों ने 5.5 ओवर में 93 रनों की साझेदारी की. दोनों कीवी गेंदबाजों की जमकर पिटाई कर रहे थे, तभी पहला विकेट गिरने के बाद एक अजीब फैसला लिया गया.
कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर ने सुप्रीम फॉर्म में चल रहे ईशान किशन को तीन नंबर पर नहीं भेजा. उनकी जगह धीमी गति से रन बनाने वाले तिलक वर्मा को प्रमोट किया गया, जो लंबे वक्त से पांच नंबर पर बैटिंग करते आए हैं, और धीमी गति से रन बनाने के लिए कई बार आलोचकों के निशाने पर रहे हैं.
तिलक ने भारत की बुलेट ट्रेन जैसी रफ्तार को बैलगाड़ी वाली रफ्तार में बदल दिया. चौका-छक्का लगाना तो दूर की बात वो सिंगल लेने में भी संघर्ष करते दिखे. तिलक ने 11 गेंद में लगभग 50 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 06 रन बनाए. अब भारत के हाथ से जीती हुई बाजी निकल रही थी. गंभीर-अय्यर का यह फैसला और भी बुरा तब साबित हुआ जब पांच नंबर पर आए ईशान किशन एक रन ही बना सके.
अब आप खुद सोचिए जो बल्लेबाज पिछले एक साल से टी20 इंटरनेशनल में लगातार रन बना रहा है उसे क्यों नीचे भेजा गया? इस फेरबदल का जवाब गंभीर और अय्यर ही दे सकते हैं, लेकिन भला हो नमन धीर को जिन्होंने भारत को जीत दिला दी. वरना इस फैसले ने टीम इंडिया की हार तय कर दी थी.
नमन धीर ने सिर्फ 15 गेंद में नाबाद 42 रनों की पारी खेली. उन्होंने 5 चौके और दो छक्के लगाए. भारत ने दो गेंद शेष रहते 226 रनों का लक्ष्य हासिल किया. यह न्यूजीलैंड की धरती पर टी20 इंटरनेशनल में भारत का सबसे बड़ा रन चेज है.




