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पहली बार नौ भारतीय भाषाओं में संविधान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया संविधान के अनुवाद का लोकार्पण

 ब्यूरो — नई दिल्ली

संविधान दिवस के मौके पर बुधवार को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में खास समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अध्यक्षता में यह समारोह हुआ। सुबह 11 बजे से आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, पीएम नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और दोनों सदनों के सांसद शामिल हुए। इस मौके पर राष्ट्रपति मुर्मू ने मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया सहित नौ भाषाओं में संविधान का अनुवादित संस्करण जारी किया। भारत का संविधान अब अब पहली बार नौ नई भाषाओं में मिलेगा। इससे देश के ज्यादा लोगों को अपनी भाषा में संविधान पढऩे और समझने में मदद मिलेगी। सरकार ने 8वीं सूची में शामिल 22 भाषाओं में से नौ भाषाओं का अनुवाद किया है। इन अनुवादों को केंद्रीय विधि मंत्रालय के विधायी विभाग ने तैयार किया है।

अधिकारियों के अनुसार, इस साल की सबसे बड़ी उपलब्धि नेपाली भाषा में संविधान का उपलब्ध होना है। यह कदम भारत और नेपाल के बीच के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक संबंधों को देखते हुए काफी अहम है। नेपाली भाषी नागरिक अब अपनी भाषा में भारतीय संविधान को पढ़ और समझ सकेंगे, जिससे दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी समझ और जुड़ाव और मजबूत होगा। संविधान मूल रूप से दो भाषाओं अंग्रेजी और हिंदी में लिखा गया था। ये दोनों ही भारतीय संविधान की मूल कॉपी हैं, जिन पर संविधान सभा के सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, भारतीय संविधान 22 भाषाओं को आधिकारिक रूप से मान्यता देता है, जिनका जानकारी संविधान की आठवीं अनुसूची में दी गई है।

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