संपादकीय

पाकिस्तान फिर पस्त

भारत की क्रिकेट टीम के मुकाबले पाकिस्तान की टीम का हारना तो तय था, लेकिन मैच इतना एकतरफा रहेगा और पाक टीम लगातार ‘सरेंडर’ करेगी, इसकी उम्मीद नहीं थी। हालांकि विश्व चैम्पियन रहे, भारत के महानायक बल्लेबाज रहे सुनील गावस्कर ने आकलन किया था कि टीम इंडिया बहुत ‘सुपीरियर’ है। बीते दो सालों में वह खेल के चरमोत्कर्ष पर है। उसके मुकाबले पाक टीम तभी जीत सकती है, जब टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी बहुत खराब खेलें। गावस्कर का आकलन ‘सरस्वती वाणी’ साबित हुआ और ‘सुपीरियर’ टीम ही विजयी रही। टी-20 विश्व कप के ग्रुप मैच में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से मात दी। विश्व कप में भारत के खिलाफ पाक टीम की यह सबसे बड़ी, रौंददार पराजय है। अब भारत के पक्ष में जीत-हार का समीकरण 8-1 हो गया है। अर्थात् भारत ने टी-20 विश्व कप में 9 में से 8वीं बार पाक टीम को हराया है। यदि विश्व कप मुकाबलों को समग्रता में देखा जाए, तो दोनों टीमों ने कुल 17 मैच खेले हैं। उनमें से 16 मुकाबले टीम इंडिया ने जीते हैं। यह आईसीसी मुकाबलों में टीम इंडिया की लगातार 16वीं जीत है। हमने अंतिम पराजय एकदिनी विश्व कप, 2023 के फाइनल में झेली थी। उसके बाद टीम इंडिया ‘अपराजेय’ रही है। कमोबेश टी-20 में उसने ऑस्टे्रलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की चैम्पियन रही टीमों को परास्त किया है और फिलहाल वह ‘विश्व चैम्पियन’ टीम है। टी-20 में भारत की रैंकिंग ‘नंबर एक’ है, जबकि पाकिस्तान 6-7वें स्थान पर है। टीम इंडिया ने कोलंबो की स्विंग, स्पिन और टर्निंग पिच पर 175 रन बनाए, जिसके नायक रहे इशान किशन। उन्होंने 40 गेंदों पर 77 रन बनाए और 10 चौके, तीन छक्के ठोंक दिए। यह टीम इंडिया के खेल की बानगी भर है।

उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ से नवाजा गया। बधाई। यह विश्व कप में पाक टीम के खिलाफ भारत का सर्वोच्च स्कोर है। इस पिच पर 150-160 रन बना कर भी विरोधी टीम को पस्त किया जा सकता है। बहरहाल पाक टीम 114 रन ही बना पाई और पूरे 20 ओवर भी खेल नहीं सकी। हमारे बुमराह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, हार्दिक पंड्या ने 2-2 विकेट लिए और कुलदीप यादव, तिलक वर्मा के हिस्से भी 1-1 विकेट आई। यह विश्व कप में पाक टीम का तीसरा सबसे कम स्कोर है। पाकिस्तान के उस्मान खान ने ही संघर्ष करके 44 रन बनाए और अंत में शाहीन ने नाबाद 23 रन बनाए, लेकिन तब तक मैच मु_ी से सरक चुका था। शेष पाक टीम के बल्लेबाज बिखरते चले गए। ऐसा लग रहा था मानो किसी अंतरराष्ट्रीय टीम के सामने कोई स्थानीय स्तर की नौसीखिया टीम खेल रही हो! बाबर आजम 142-143 मैच खेल चुके हैं, बड़े मंचों पर वह लगातार नाकाम रहे हैं, उन्होंने मात्र 5 रन बनाए और अक्षर ने उन्हें बोल्ड कर दिया, लिहाजा उन्हें अब ‘संन्यास’ पर विचार करना चाहिए। बहरहाल भारत-पाक मैच के आंकड़े और विवरण दुनिया के सामने है, लेकिन अब ‘कृत्रिम उन्माद’ और ‘मिथक’ खत्म कर देने चाहिए। दशकों से शोर मचाया जाता रहा है कि भारत-पाक का मैच ‘महामुकाबला’ है, ‘सबसे बड़ी भिड़ंत’ है, ‘क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता’ है। अब ये छद्म विशेषण समाप्त किए जाने चाहिए, क्योंकि मुकाबलों के नतीजे और सच सामने हैं। कोई तुलना नहीं, कोई मुकाबला नहीं, कोई बराबरी नहीं, भारत-पाक टीमों के प्रदर्शनों में जमीन-आसमान का फर्क है।

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