बजट में दिल्ली पुलिस के लिए 12 हजार करोड़ से ज्यादा की रकम

नई दिल्ली: बजट में दिल्ली पुलिस को बुनियादी ढांचे में सुधार, ट्रैफिक और आईटी समेत कई योजनाओं के लिए 12,846.15 करोड़ का ऐलान हुआ है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए दिल्ली पुलिस को बजट में यह रकम आवंटित की है।
इतने फीसदी बढ़ा बजट
दिल्ली पुलिस की तरफ से बताया गया कि यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में यह बजट लगभग 4.57 फीसदी ज्यादा है। मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आवंटित राशि 12,259.16 करोड़ रुपये थी पुलिस अफसर ने बताया कि बजट में की गई इस बढ़ोतरी का सीधा मकसद दिल्ली पुलिस को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करना और बुनियादी ढांचे में सुधार लाना है।
इन कामों में खर्च होगा बजट
फंड का इस्तेमाल रोजाना के खर्चों और अलग-अलग स्कीमों के लिए किया जाएगा। इनमें NCR रीजन में एक मॉडल ट्रैफिक सिस्टम और बेहतर कम्युनिकेशन नेटवर्क का डिवेलपमेंट शामिल है। दिल्ली पुलिस नेशनल कैपिटल टेरिटरी में लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए अहम जिम्मेदारी रहती है। जिसमें ट्रैफिक मैनेजमेंट भी शामिल है। कम्युनिकेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना,लेटेस्ट टेक्नॉलजी को शामिल करना, ट्रैफिक सिग्नल लगाना और कर्मचारियों को ट्रेनिंग देना भी इसके काम का हिस्सा है।
बजट के पैसों से खरीदे जाएंगे हाई टेक हथियार
इस फंड का इस्तेमाल आधुनिक हथियार, जांच के लिए नए उपकरणों और सीसीटीवी कैमरों के जाल को और विस्तार दिया जाएगा। पुलिस कर्मियों को बदलती आपराधिक चुनौतियों और साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष ट्रेनिंग सिस्टम भी इस बजट में शामिल है। नई इमारतों के कंस्ट्रक्शन, गाड़ियों और हथियारों की खरीद में इस बजट का इस्तेमाल किया जाएगा।
पुलिस के बजट में बढ़ोतरी क्यों ?
पिछले कुछ सालों से दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को चाकचौबंद करने के लिए सीसीटीवी कैमरों और आर्टिफिशल इंटेलिजेस के इस्तेमाल के साथ-साथ पुलिस इन्फ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने पर भी काफी फोकस किया जा रहा है। आबादी के लिहाज से दिल्ली दुनिया के सबसे बड़े महानगरों में गिनी जाती है, ऐसे मे यहां कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस का पर्याप्त संसाधनों से लैस होना जरूरी है।
बजट को लेकर क्या है प्लानिंग
उसी को ध्यान में रखते हुए इस बार भी दिल्ली पुलिस के बजट में बढ़ोतरी करते हुए 12,846.15 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं, जिससे 15 पुलिस जिलों के 194 थानों और स्पेशल यूनिट्स के अन्य थानों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके। इसके लिए 18 नए पुलिस स्टेशन, 7 चौकियां और 180 स्टाफ क्वार्टर बनाने की भी प्लानिंग है।




