दिल्ली

बाबरी का बदला लेना चाहते थे आतंकी! 32 कारों से थी देश को दहलाने की साजिश…

नेशनल डेस्कः दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए कार बम धमाके की जांच में गुरुवार को एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों को मिले शुरुआती इनपुट्स और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस डेटा से पता चला है कि यह विस्फोट किसी ‘एक दिन की वारदात’ नहीं थी, बल्कि एक पैन-इंडिया टेरर ऑपरेशन का हिस्सा था, जिसे “ऑपरेशन बदला” या “बाबरी एवेंज मिशन” नाम दिया गया था।

एजेंसियों के अनुसार, आतंकियों की योजना 6 दिसंबर, यानी बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के दिन देशभर में सीरियल ब्लास्ट करने की थी। इस दिन के लिए उन्होंने 32 कारों का नेटवर्क तैयार किया था जिनमें बम और अमोनियम नाइट्रेट आधारित विस्फोटक भरकर दिल्ली, लखनऊ, मुंबई, हैदराबाद, जयपुर, भोपाल और जम्मू में ब्लास्ट करने का प्लान था।

32 कारों का ‘सीरियल ब्लास्ट नेटवर्क’, दिल्ली थी पहली टेस्ट साइट

जांच में सामने आया है कि इन कारों में मारुति ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, फोर्ड इकोस्पोर्ट और ह्यूंडई i20 जैसी गाड़ियां शामिल थीं ताकि किसी भी शहर में वे आम वाहन की तरह दिखें और शक न हो। अब तक एजेंसियों ने 3 कारें बरामद की हैं दो हरियाणा के फरीदाबाद और सोहना से, जबकि तीसरी कानपुर से। चौथी कार, एक सिल्वर रंग की स्विफ्ट डिजायर, अभी भी लापता है।

10 नवंबर को जिस ह्यूंडई i20 में विस्फोट हुआ था, उसे आतंकियों ने टेस्ट ब्लास्ट के तौर पर इस्तेमाल किया था ताकि 6 दिसंबर से पहले विस्फोटक की क्षमता और टाइमिंग का ट्रायल किया जा सके।

दिल्ली धमाके में मारा गया डॉक्टर आतंकी उमर ‘लीड ऑपरेटिव’ था

एनआईए और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की जांच में पुष्टि हुई है कि धमाके के वक्त कार चलाने वाला व्यक्ति डॉ. उमर नबी उर्फ उमर मोहम्मद ही था। उसका डीएनए टेस्ट बुधवार रात पूरी तरह मैच हो गया। उमर पुलवामा का रहने वाला और फरीदाबाद के अल-फला यूनिवर्सिटी में गेस्ट फैकल्टी था। वह तथाकथित ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का हिस्सा था, जिसमें कई डॉक्टर, मेडिकल छात्र और लेक्चरर शामिल हैं।

‘डॉ. आरिफ’ की गिरफ्तारी से खुला लेडी मॉड्यूल का नेटवर्क

गुरुवार को यूपी एटीएस ने कानपुर के कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. आरिफ सिद्दीकी को गिरफ्तार किया। वह इस मॉड्यूल में महिलाओं की भर्ती और प्रशिक्षण का काम देखता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरिफ दिल्ली धमाके में शामिल ‘लेडी ऑपरेटिव’ डॉ. शाहीन शाहिद का करीबी सहयोगी था। शाहीन को जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग का कोऑर्डिनेटर बताया जा रहा है।

कश्मीर में छापेमारी, दो ‘हाइब्रिड आतंकी’ गिरफ्तार

इसी कड़ी में, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने सोपोर के मूमिनाबाद इलाके में संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो ‘हाइब्रिड आतंकियों’ को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से डिजिटल डिवाइसेज, क्रिप्टो वॉलेट्स और ‘6D Operation’ नामक फोल्डर बरामद हुआ है। माना जा रहा है कि यही 6 दिसंबर की ब्लास्ट प्लानिंग से जुड़ा एन्क्रिप्टेड डेटा था।

दिल्ली-एनसीआर में हाई अलर्ट, NSG ने जब्त की संदिग्ध गाड़ी

दिल्ली पुलिस को शक था कि ब्लास्ट में शामिल नेटवर्क के पास एक से ज्यादा कारें थीं। बुधवार को पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और हरियाणा में हाई अलर्ट जारी किया गया। इसके बाद हरियाणा के खंदावली गांव में एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर बरामद हुई। गाड़ी उस घर के बाहर मिली है जो उमर के ड्राइवर की बहन का है। फिलहाल एनएसजी (NSG) की बम निरोधक टीम ने इलाके को सील कर वाहन की जांच शुरू कर दी है।

इंटरनेशनल लिंक की जांच

एनआईए को मिले डिजिटल सुरागों से पता चला है कि उमर नबी तुर्की के अंकारा में बैठे अपने हैंडलर “U-Kasa” (संभावित कोड नेम) से सेशन ऐप के जरिए संपर्क में था। माना जा रहा है कि 2022 में वह और उसके साथी वहां प्रशिक्षण के लिए गए थे। अब जांच एजेंसियां तुर्की और खाड़ी देशों से संबंधित धनराशि के ट्रेल (money trail) को ट्रैक कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भारत में यह नेटवर्क कैसे और किन चैनलों से फंड हुआ।

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