राजनीति

भारत को अमेरिकी टैरिफ में ढील से पाकिस्तानी खिसियाए, शहबाज-मुनीर को कोसा

न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। भारत की अमेरिका के साथ ट्रेड डील क्या हुई कि पाकिस्तानी खिसिया गए हैं। हालात ये हैं कि वहां हताशा-निराशा का माहौल है और नागरिक अपनी ही सरकार को खूब कोस रहे हैं। कोई कह रहा है- इज्जत खरीदी नहीं जाती, कमानी पड़ती है तो कोई कह रहा है कि ट्रंप की महीनों की चापलूसी का इनाम आखिर मिला क्या?

21वीं सदी की विदेश नीति व्यक्तिगत रिश्तों से नहीं चलती। एक पाकिस्तानी पत्रकार ने तो यहां तक कह दिया कि ‘सेल्समैन-इन-चीफ’ की सारी रणनीति धरी रह गई। उनका साफ इशारा पाक सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की ओर था। पाकिस्तान में काफी लोग इस बात से भी सकते में हैं कि भारत ने ट्रंप के प्रति अत्यधिक सम्मान दिखाए बिना एक बेहतर सौदा कैसे हासिल कर लिया।

लोग पिछले दिनों ट्रंप के इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट को देखकर हैरान हैं, जहां उन्होंने इंडिया गेट की तस्वीरें और एक मैगजीन का कवर फोटो शेयर किया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ट्रंप साथ दिख रहे हैं। इसके बाद उन्होंने भारतीय सामानों पर टैरिफ 18 प्रतिशत करने की घोषणा की, जोकि पाकिस्तान के 19 प्रतिशत से एक प्रतिशत कम है।

इंटरनेट मीडिया पर आलोचकों का कहना है कि वाशिंगटन के साथ महीनों तक हाई-प्रोफाइल बातचीत का कोई खास नतीजा नहीं निकला। पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार तक के लिए नामित किया, बोर्ड आफ पीस में उनके शामिल होने का समर्थन किया मगर पाकिस्तान पर भारत की तुलना में ज्यादा टैरिफ का बोझ पड़ा। भारत ने महीनों तक ट्रंप के दबाव के बावजूद घुटने नहीं टेके।

बता दें कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ने वाशिंगटन में लगातार लॉबिंग की थी। इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता व पूर्व मंत्री हम्माद अजहर ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील को परिस्थितियों के बजाय रणनीति की विफलता बताया।

उन्होंने एक्स पर लिखा-”21वीं सदी में विदेश नीति दिखावे या पर्सनल रिश्तों से नहीं चलती है। यह आर्थिक ताकत, टैरिफ और मार्केट एक्सेस का फायदा उठाने के बारे में है। ईयू और यूएस के साथ भारत की हाल की ट्रेड डील इस बात को साबित करती हैं। चापलूसी और फोटो खिंचवाना बेकार है।”

पाक के एक एक्स यूजर उमर अली ने लिखा- ”डोनाल्ड ट्रंप ने फील्ड मार्शल के साथ उस मालकिन जैसा व्यवहार किया है जो अपने प्रेमी से सभी अवैध और गैर कानूनी काम तो करवाती है लेकिन अंत में यह कहती है कि मैं अपने पति और परिवार के साथ हूं। हां, यह दिलासा जरूरी देती रहती है कि मेरी आत्मा हमेशा तुम्हारी रहेगी।

पत्रकार असद तूर ने चेतावनी दी कि भारत पर अमेरिकी टैरिफ का यह फैसला पाकिस्तान की आर्थिक दिक्कतों को और बढ़ा देगा। गिरते निर्यात, कम होते विदेशी निवेश से पहले ही हालात खराब हैं।

पत्रकार इमरान रियाज खान ने भी ला¨बग की आलोचना करते हुए कहा, ‘सेल्समैन-इन-चीफ’ की रणनीति फेल हो गई है। आप बलूचिस्तान के मिनरल्स लकड़ी के बक्सों में दे सकते हैं, लेकिन आप इज्जत नहीं खरीद सकते।”

डिजिटल क्रिएटर वजाहत खान ने लिखा- ”ट्रंप एक बिजनेसमैन हैं। उन्होंने एक मैनेजर और एक दुकानदार को देखा और उन्हें दुकानदार से डील की। भारत एक पार्टनर के तौर पर आया और 18 प्रतिशत टैरिफ का इनाम लेकर चला गया। यह उस सरकार की कीमत है जिसके पास पब्लिक मैंडेट की रीढ़ नहीं है।”

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