छत्तीसगढ़
भूतेश्वर महादेव दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग, आकार हर साल बढ़ता जा रहा

गरियाबंद जिले में स्थित भूतेश्वर महादेव इसे दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है और इसकी महिमा वाकई निराली है।
यहाँ इस मंदिर और शिवलिंग से जुड़ी कुछ खास बातें दी गई हैं:
प्राकृतिक चमत्कार: बढ़ता हुआ आकार
इस शिवलिंग की सबसे हैरान कर देने वाली विशेषता यह है कि इसका आकार हर साल बढ़ता जा रहा है। राजस्व विभाग की टीम समय-समय पर इसकी माप लेती है और आंकड़ों के अनुसार, इसकी ऊंचाई और चौड़ाई दोनों में वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में इसकी ऊंचाई लगभग 18 फीट और गोलाई 20 फीट से अधिक है।
अर्धनारीश्वर स्वरूप की मान्यता
श्रद्धालु इसे अर्धनारीश्वर रूप में पूजते हैं। शिवलिंग पर एक प्राकृतिक दरार है, जिसे शक्ति (माता पार्वती) और शिव के मिलन का प्रतीक माना जाता है।
रोचक कथा और इतिहास
- हुंकार की आवाज: कहा जाता है कि सदियों पहले यहाँ के लोग एक सांड के हुंकारने की आवाज सुना करते थे, लेकिन वहाँ कोई जानवर नहीं मिलता था। बाद में लोगों ने देखा कि यहाँ एक टीला उभर रहा है, जिसे उन्होंने ‘भूतेश्वर महादेव’ के रूप में पूजना शुरू कर दिया।
- भकुर्रा महादेव: स्थानीय लोग इसे प्यार से ‘भकुर्रा महादेव’ के नाम से भी पुकारते हैं।
प्रमुख विशेषताएं
| विशेषता | विवरण |
| स्थान | मरौदा गाँव, गरियाबंद (छत्तीसगढ़) |
| प्रकार | स्वयंभू (प्राकृतिक रूप से प्रकट) |
| खासियत | दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग |
| मुख्य पर्व | सावन और महाशिवरात्रि पर यहाँ लाखों की भीड़ उमड़ती है |
यह स्थान न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि भूवैज्ञानिकों के लिए भी कौतूहल का विषय बना हुआ है।




