महागठबंधन में सीटों पर घमासान, पहले चरण का नामांकन खत्म, शीट शेयरिंग न होने पर भी उतारे कैंडिडेट

एजेंसियां— पटना
बिहार में पहले फेज का नामांकन खत्म हो गया है, लेकिन महागठबंधन में अब तक सीट शेयरिंग तक नहीं हो पाई है। सीट शेयरिंग तो छोडि़ए, कांग्रेस छोड़ दूसरी किसी पार्टी ने अपने कैंडिडेट्स की लिस्ट तक जारी नहीं की। पिछले 8-10 दिनों से पटना से दिल्ली तक सीट शेयरिंग और कैंडिडेट्स सिलेक्शन पर माथापच्ची चलती रही, लेकिन इससे कुछ नहीं निकला। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खडग़े ने भी बिहार के रूठे नेताओं को मनाने की कोशिश की, लेकिन वे भी फेल रहे। नतीजा बिना लिस्ट जारी किए पार्टियों ने सिंबल बांटे और नामांकन दाखिल किया। फस्र्ट फेज के नॉमिनेशन के आखिरी दिन तक आरजेडी, कांग्रेस और वीआईपी सिंबल बांटते रहे।
हालात ऐसे बन गए कि आठ सीटों पर महागठबंधन की पार्टियों आमने-सामने हैं। इसमें पांच पर कांग्रेस और आरजेडी दोनों ने कैंडिडेट उतार दिए हैं। वहीं तीन पर सीपीआई और कांग्रेस ने उम्मीदवार को मैदान में उतार दिया है। एक सीट पर वीआईपी और आरजेडी के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने 48 कैंडिडेट्स की पहली लिस्ट जारी कर दी है। कदवा से शकील अहमद, कुटुंबा से राजेश राम चुनावी मैदान में उतरेंगे। वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महागठबंधन पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूरा बिहार उलझन में है कि महागठबंधन क्या कर रहा है। हालात ये हैं कि एक ही सीट पर दो-दो उम्मीदवार खड़े कर दिए गए हैं। वहीं एनडीए ने पांच दलों के सहयोग से अपनी रणनीति लगभग तय कर ली है।
मुकेश सहनी नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव
पटना। विकासशील इनसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी बिहार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे। पहले दरभंगा जिला की गौड़ा बौराम सीट से चुनाव लडऩे की बात कहकर अब उन्होंने सीधे चुनावी मैदान में उतरने से इनकार कर दिया है। सहनी ने स्पष्ट किया कि महागठबंधन की सरकार बनने के बाद उन्हें डिप्टी सीएम बनना है। उन्होंने राज्यसभा में जाने के ऑफर से भी इनकार किया है।




