राजनीति

महाराष्ट्र में घमासान तेज, कल्याण-डोंबिवली के लापता पार्षदों के पोस्टर्स लगे, अब व्हिप की तैयारी

मुंबई : कल्याण-डोबिवली महानगरपालिका के चुनाव संपन्न होने के बाद से शिवसेना (यूबीटी) के 11 में से 4 नगरसेवक पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से संपर्क में नहीं है। इस घटना ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और उसकी चुनाव पूर्व सहयोगी और शिवसेना का समर्थन कर रही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे), इन चार नगरसेवकों के लापता होने के पीछे जिम्मेदार हो सकती हैं। इसी आरोप के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं ने शहरभर में पोस्टर लगाकर इन नगरसेवकों को लापता घोषित किया है।

पार्टी नेताओं ने इस संबंध में पुलिस में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है। हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) का आरोप है कि पुलिस इन नगरसेवकों का पता लगाने में गंभीरता नहीं दिखा रही है। इसी वजह से अब पार्टी ने जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए पोस्टर अभियान का सहारा लिया है।

चुनाव रिजल्ट के अगले दिन से लापता

नगरसेवकों के अचानक लापता होने से कल्याण में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) को आशंका है कि इसके पीछे राजनीतिक स्वार्थ और दबाव की भूमिका हो सकती है। कल्याण पूर्व के दो नगरसेवकों मधुर म्हात्रे और एडवोकेट किर्तीं ढोणे, 16 जनवरी को चुनाव परिणाम घोषित होने के अगले दिन से ही संपर्क में नहीं है।


जगह-जगह लगाए गए पोस्टर्स

पिछले नौ दिनों से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने फोन कॉल, संदेश और व्हिप के माध्यम से उनसे संपर्क करने की कई बार कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली, जिससे पार्टी की चिंता और बढ़ गई है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राऊत के निर्देश पर रविवार को कल्याण पूर्व के प्रमुख चौकों, मुख्य सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और गलियों में ‘नगरसेवक बेपत्ता’ के पोस्टर लगाए गए है। इन पोस्टरों में साफ तौर पर लिखा गया है कि यदि ये नगरसेवक कहीं दिखाई दें, या उनके बारे में कोई सूचना मिले, तो तुरंत शिवसेना (यूबीटी) के शहर कार्यालय से संपर्क किया जाए।

पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इस अभियान में शामिल हुए और विभिन्न इलाकों में पोस्टर लगाए। कल्याण युवासेना अध्यक्षरडॉ. नीरज कुमार ने बताया कि लापता नगरसेवकों को लेकर कोलसेवाड़ी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली से पार्टी में नाराजगी है।

‘लापता नगरसेवकों के परिवार भी तनाव में’

यूबीटी नेताओं का कहना है कि लापता नगरसेवकों के परिवारवाले भी गहरे तनाव में हैं। पार्टी को आशंका है कि राजनीतिक फायदे के लिए इन नगरसेवकों का अपहरण किया गया हो सकता है और इतने दिनों से संपर्क न होने के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। यह संकट केवल कल्याण पूर्व तक सीमित नहीं है। कल्याण पश्चिम के दो नगरसेवकों राहुल कोट और स्वप्नाली केणे भी पिछले नौ दिनों से संपर्क में नहीं हैं।

डॉ. नीरज कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि चारों नगरसेवक सोमवार को बुलाई गई पार्टी बैठक में व्हिप जारी होने के बावजूद उपस्थित नहीं होते हैं, तो पार्टी उनके नगरसेवक पद को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करेगी।

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