महाराष्ट्र विधानपरिषद में बढ़ेगी महायुति की ताकत, सिर्फ एक सीट पर बुरा फंसेगी MVA

मुंबई : अप्रैल और मई में महाराष्ट्र की 7 राज्यसभा और 9 विधान परिषद की सीटों के लिए चुनाव होने हैं। इसे लेकर राज्य की राजनीति में हलचल तेज
हो गई है। विधान परिषद की 9 सीटों में एक पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की भी है। इनका कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि विधानसभा में राजनीतिक दलों की मौजूदा ताकत को देखते हुए 9 में से 7 सीटें महायुति के पास जाती दिख रही है। 1 सीट पर महाविकास आघाडी आसानी से जीत सकती है, जबकि 1 पर पेंच फंस सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि मई के बाद विधान परिषद में महायुति की स्थिति और मजबूत हो जाएगी।
उद्धव को लड़ना चाहिए MLC चुनाव: संजय राउत
उद्धव गुट नेता संजय राउत ने कहा कि MVA विधान परिषद और राज्यसभा चुनावों में एक-दूसरे की मदद करेंगे। हम चाहते हैं कि उद्धव ठाकरे फिर से चुनाव लड़ें। उद्धव ठाकरे का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है, साथ ही आठ अन्य विधायकों का भी। 20 विधायकों के साथ, उनकी पार्टी अकेले उन्हें पुनः निर्वाचित कराने के लिए पर्याप्त नहीं है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि पार्टी पदाधिकारियों ने ठाकरे से एक और कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि एमएलसी और राज्यसभा चुनावों में एमवीए दलों को एक-दूसरे की मदद करनी होगी।
इनका कार्यकाल हो रहा समाप्त
उद्धव ठाकरे (UBT), नीलम गोरहे (शिंदे सेना), शशिकांत शिंदे (NCP SP), अमोल मिटकरी (NCP AP ), राजेश राठोड (कांग्रेस) के अलावा बीजेपी से गोपीचंद पडलकर, प्रवीण दटके, राजनीतसिंह मोहिते और राजेश कराड का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
ऐसा है राजनीति दलों का पावर
विधानसभा में बीजेपी के 132, शिवसेना (शिंदे गुट) के 57 और एनसीपी (अजित पवार) के 40 विधायक हैं। अजित पवार के निधन से बारामती की सीट खाली है। महायुति के पास लगभग 235 विधायक हैं। वहीं विपक्ष के पास करीब 50 विधायक हैं। विधान परिषद में पहुंचने के लिए एक उम्मीदवार को कम से काम 33 सीटों की जरूरत होगी। ऐसे में विपक्षी दल यदि एकजुट होते हैं, तो उनका एक सदस्य विधान परिषद में आसानी से चुना जा सकता है। वहीं सत्ताधारी दल से 7 एमएलसी आसानी से चुने जा सकते हैं।




