मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट ने मौन जुलूस निकालकर SDM को सौंपा ज्ञापन, गर्भगृह में प्रवेश का किया विरोध…

डोंगरगढ़। मां बम्लेश्वरी मंदिर में पूजा पद्धति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहराता जा रहा है. नवरात्र की पंचमी से उठे इस विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है. मंदिर ट्रस्ट समिति ने सर्व हिंदू समाज के साथ मिलकर सोमवार को मौन जुलूस निकाला और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की. यह जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए SDM कार्यालय तक पहुंचा, जहां मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी, कर्मचारी, दुकानदार और श्रद्धालु शामिल हुए. सभी ने शांतिपूर्वक अपना विरोध दर्ज कराया.
मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने मीडिया से कहा कि डोंगरगढ़ अनेकता में एकता का प्रतीक स्थल है, जहां सभी संप्रदायों के लोग सौहार्दपूर्वक रहते हैं. उन्होंने कहा, “मां बम्लेश्वरी मंदिर सनातन और हिंदू आस्था का केंद्र है. हाल ही में नवरात्र में जो घटनाएं हुईं, उनसे मंदिर की मर्यादा का उल्लंघन हुआ है. हमने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है.”
मनोज अग्रवाल ने आगे कहा कि मंदिर ट्रस्ट किसी भी समुदाय को अलग नहीं करता. “हम सबके दर्शनार्थियों का सम्मान करते हैं. सभी को मंदिर की परंपराओं और मर्यादाओं का पालन करना चाहिए, तभी आस्था और विकास दोनों कायम रहेंगे.”
वहीं दूसरी ओर, आदिवासी गोंड समाज ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे केवल अपनी पारंपरिक पूजा कर रहे थे, जो रियासतकालीन परंपरा से जुड़ी है. गोंड समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि “दाई बमलाई की पूजा हमारी परंपरा का हिस्सा है. हर साल पंचमी यात्रा उसी परंपरा के अनुसार निकाली जाती है. मंदिर ट्रस्ट इस विवाद को हिंदू बनाम आदिवासी का रूप देकर समाज में भेदभाव फैलाने की कोशिश कर रहा है.”
गोंड समाज ने यह भी आरोप लगाया कि सर्व हिंदू समाज की बैठक में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे ट्रस्ट की अलगाववादी सोच झलकती है.




