ज्योतिष

माघ कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, जानें पंचांग में शुभ-अशुभ समय और अचूक उपाय

: माघ कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि रात 11:52 PM तक रहेगी उपरांत अमावस्या तिथि हो जाएगी, जानें पंचांग में शुभ-अशुभ समय. आइए जानते हैं पिछले एक दशक से भी अधिक समय से कार्यरत ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: से आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ समय और उपाय…

आज का पंचांग 17 जनवरी 2026 दिन शनिवार

दिन: शनिवार
तिथि: माघ कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि रात 11:52 PM तक उपरांत अमावस्या
विक्रम संवत: 2082
शक संवत: 1947
सूर्योदय: 06:37 AM
सूर्यास्त: 05:20 PM
अयन: उत्तरायण
ऋतु: शिशिर

नक्षत्र, योग व करण

  • सूर्योदय कालीन नक्षत्र: मूल सुबह 08:23 AM तक उसके बाद पूर्वाषाढ़ा
  • योग: व्याघात रात 09 :54 PM तक उसके बाद हर्षण
  • करण: विष्टि/भद्रा (सुबह 10:48 AM तक) उसके बाद शकुनि

ग्रह स्थिति (सूर्योदय कालीन)

  • सूर्य: मकर राशि
  • चंद्रमा: धनु राशि
  • मंगल: मकर राशि
  • बुध: सुबह 10:25 AM तक धनु राशि उपरांत मकर राशि
  • गुरु (बृहस्पति): मिथुन राशि (वक्री)
  • शुक्र: मकर राशि
  • शनि: मीन राशि
  • राहु: कुंभ राशि
  • केतु: सिंह राशि

दिन का चौघड़िया (पटना)

  • काल(हानि) 06:37 AM से 08:01 AM तक
  • शुभ (शुभ): सुबह 08:01 AM से 09:20 AM तक
  • रोग (अशुभ): सुबह 09:20 AM से 10:40 AM तक
  • उद्वेग (अशुभ): सुबह 10:40 AM से 11:59 AM तक
  • चर (सामान्य): दोपहर 11:59 AM से 01:19 PM तक
  • लाभ (शुभ): दोपहर 01:19 PM से 02:38 PM तक
  • अमृत (अत्यंत शुभ): दोपहर 02:38 PM से 03:58 PM तक
  • काल (अशुभ): दोपहर 03:58 PM से 05:17 PM तक

शुभ समय (मुहूर्त)

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:38 AM से 12:20 PM तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:47 PM से 02:29 PM तक
  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:55 AM से 05:48 AM तक

अशुभ समय

  • राहुकाल: सुबह 09:20 AM से 10:40 AM तक
  • गुलिक काल: सुबह 06:41 AM से 08:01 AM तक
  • यमगण्ड: दोपहर 01:19 PM से 02:38 PM तक
  • दिशाशूल: पूर्व दिशा (यदि यात्रा आवश्यक हो तो अदरक या घी खाकर निकलें)

आज का विशेष योग व उपाय

  • विशेष: भद्रा सुबह 10:48 बजे तक है, इसलिए शुभ कार्य इसके पश्चात ही करें.
  • सरल उपाय: शनिवार का दिन होने के कारण पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. भगवान शिव पर काले तिल अर्पित करें, इससे शनि दोष से मुक्ति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

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