यूरोपीय संसद ने रोकी ऐतिहासिक ट्रेड डील, उल्टा पड़ा अमरीका का टैरिफ दांव

एजेंसियां— कोपेनहेगन, डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की कोशिशों को लेकर यूरोप और अमरीका के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। यूरोपियन यूनियन (ईयू) और ब्रिटेन ने ग्रीनलैंड के समर्थन पर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए 10 फीसदी टैरिफ का कड़ा विरोध किया है। इन देशों ने ट्रंप के इस फैसले को पूरी तरह गलत और ब्लैकमेल की कोशिश कहा है। यूरोपियन यूनियन और ब्रिटेन ने कहा है कि वे ब्लैकमेल नहीं होंगे और ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अपना रुख नहीं बदलेंगे। रविवार को ईयू के 27 देशों के राजदूतों की एमर्जेंसी मीटिंग में ट्रंप के टैरिफ पर चर्चा की गई। बैठक में ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकियों को ‘खतरनाक गिरावट’ कहा गया। बैठक में कहा गया कि ईयू के ज्यादातर देश अमरीका के साथ नाटो का हिस्सा हैं। ऐसे में पारंपरिक सहयोगियों के बीच टकराव का चीन और रूस फायदा उठा सकते हैं। यूरोपीय देशों का कहना है कि आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा नाटो की साझा जिम्मेदारी होनी चाहिए। फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन, नॉर्वे, फिनलैंड, नीदरलैंड और ब्रिटेन ने ग्रीनलैंड में सीमित संख्या में सैनिक भेजे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ग्रीनलैंड पर अमरीकी कंट्रोल का विरोध करने के लिए आठ यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूके, नीदरलैंड और फिनलैंड को पहली फरवरी से टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। ग्रीनलैंड पर कोई डील नहीं होती है तो यह टैरिफ पहली जून को 25 प्रतिशत हो जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दुनिया को धमकाते हुए कहा था कि सभी देशों को ग्रीनलैंड पर कब्जे की अमरीकी योजना का साथ देना चाहिए। ऐसे देश जो इस मुद्दे पर अमरीका के साथ नहीं देंगे, उन पर भारी टैरिफ लगाया जाएगा। ग्रीनलैंड के मुद्दे पर टैरिफ को हथियार बनाने की इस धमकी के एक दिन बाद ही उन्होंने कई यूरोपीय देशों पर टैरिफ का ऐलान कर दिया है। बता दें अमरीका ने यूरोपीय यूनियन पर 15 फीसदी टैरिफ लगा रखा है। ट्रंप ने पहले ईयू पर 30 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। हालांकि स्टील, कॉपर और एल्यूमीनियम के सामान पर रियायत नहीं मिलेगी और इन पर टैरिफ की दर 50 फीसदी ही रहेगी। ईयू अगले तीन साल में अमरीका से 750 बिलियन डॉलर, यानी करीब 64 लाख करोड़ रुपए की एनर्जी खरीदेगा। इसके साथ ही ईयू अमरीका में 600 बिलियन डॉलर यानी 51 लाख करोड़ रुपए निवेश करेगा।
ब्रिटेन-फ्रांस और स्वीडिन ने जताई आपत्ति
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने टैरिफ लगाने को पूरी तरह गलत कहा है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और स्वीडिश पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन ने इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया और यूरोपीय संप्रभुता की रक्षा करने की बात कही। वहीं डेनमार्क ने इसे हैरान करने वाला कहा है। ग्रीनलैंड ने आर्कटिक द्वीप के भविष्य से जुड़े टैरिफ पर यूरोपीय देशों की कड़ी प्रतिक्रिया की तारीफ की है।
ट्रांस अटलांटिक समझौते पर सवालिया निशान
यूरोपीय संसद ने बड़ा कदम उठाते हुए अमरीका के साथ ऐतिहासिक ट्रेड डील पर रोक लगा दी है। यह कदम अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड पर अमरीकी कंट्रोल के प्रस्ताव का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद उठाया गया है। यूरोपीय संसद के इस कदम से पिछले साल हुए ट्रांसअटलांटिक समझौते पर सवालिया निशान लग गया है। इस समझौते पर पिछले साल जुलाई में राष्ट्रपति ट्रंप और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हस्ताक्षर किए थे। समझौते का मकसद अमरीकी टैरिफ को 15 प्रतिशत पर रखकर व्यापार संबंधों को स्थिर करना था। इसके बदले में अमरीकी एक्सपोर्ट पर शुल्क को कम किया जाना था, लेकिन ग्रीनलैंड पर अमरीकी दबाव में इसके भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।




