ये है दुनिया का सबसे साफ झील, पैर पोंछकर घुसते हैं लोग, कांच से भी ज्यादा क्लियर है इसका पानी

न्यूजीलैंड की रोटोमेयरव्हेनुआ झील (ब्लू लेक) दुनिया की सबसे साफ झील है. इसका पानी इतना पारदर्शी है कि 80 मीटर तक तल दिखाई देता है!
क्या आपने कभी सोचा है कि किसी झील का पानी कितना साफ हो सकता है? न्यूजीलैंड की रोटोमेयरव्हेनुआ झील (जिसे ब्लू लेक भी कहा जाता है) दुनिया का सबसे साफ़ झील है. यह झील ना सिर्फ दुनिया की सबसे साफ झील है, बल्कि वैज्ञानिकों ने इसे पृथ्वी पर अब तक रिकॉर्ड की गई सबसे पारदर्शी प्राकृतिक झील घोषित किया है.
इस झील का पानी इतना क्लियर है कि 70 से 80 मीटर की गहराई तक तल साफ दिखाई देता है. यानी आप नीचे की चट्टानें, मछलियां और यहां तक कि छोटे-छोटे पत्थर भी देख सकते हैं, जैसे कोई कांच की परत हो! यह झील न्यूजीलैंड के साउथ आइलैंड पर नेल्सन लेक्स नेशनल पार्क के अंदर स्थित है.
दुनिया की नजरों से दूर
ये झील चारों तरफ से ऊंचे-ऊंचे आल्पाइन जंगल, बर्फीली चोटियां और घने जंगल से घिरा है. यहां पहुंचने के लिए कोई सड़क या गाड़ी नहीं है. पर्यटकों को यहां तक आने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है, जो लगभग 6-8 घंटे का कठिन ट्रेक है. इसमें पहाड़ चढ़ना, जंगल पार करना और प्रकृति का पूरा सम्मान करना शामिल है. यह झील बहुत दूरस्थ और संरक्षित है, जिसकी वजह से इसका पर्यावरण बिल्कुल प्राकृतिक और अछूता बना हुआ है. झील को माओरी जनजाति नगाती आपा की ते रा तो’ (Ngāti Apa ki te Rā Tō) बहुत पवित्र मानती है. उनके अनुसार, इस झील का पानी आध्यात्मिक शुद्धिकरण का प्रतीक है. इसलिए यहां आने वाले हर व्यक्ति से अनुरोध किया जाता है कि वे अपने जूते या बूट अच्छी तरह पोंछ लें या साफ कर लें. जूते पर लगी थोड़ी सी भी मिट्टी, धूल या बैक्टीरिया झील की पवित्रता को भंग कर सकती है. यह नियम ना सिर्फ सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि झील के नाजुक इकोसिस्टम को भी बचाता है.
कांच सा ट्रांसपेरेंट
यहां आने वाले पर्यटक बोर्ड पर लिखे नियमों का पालन करते हुए जूते पोंछते हैं और फिर ही झील के किनारे पहुंचते हैं. वैज्ञानिकों ने कई बार इस झील की जांच की है. 2011 में नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने यहां पानी की पारदर्शिता मापी और पाया कि विजिबिलिटी 76 मीटर तक है, जो पहले के रिकॉर्ड (क्रोएशिया की प्लिटविस झीलों की 60 मीटर) से ज्यादा है. बाद में और टेस्ट में 80 मीटर तक रिकॉर्ड दर्ज किया गया. यह पारदर्शिता इसलिए संभव है क्योंकि झील में पानी मुख्य रूप से भूमिगत चट्टानों से आता है. ये चट्टानें प्राकृतिक फिल्टर की तरह काम करती हैं, जो पानी के रास्ते में ही सारी पार्टिकल्स, गंदगी और जैविक पदार्थ छान लेती है. झील में कोई बड़ा इनफ्लो नहीं है, इसलिए कोई गंदगी नहीं पहुंच पाती है. झील का नाम रोटोमेयरव्हेनुआ माओरी भाषा से आया है, जिसका मतलब है “भूमि की झील”. इसका रंग नीला-हल्का हरा होता है, जो आसपास की चट्टानों और सूरज की रोशनी से और खूबसूरत लगता है. यहां पहुंचने के लिए सबसे आम रास्ता रोटोइती झील से शुरू होता है, फिर जंगल और पहाड़ों से होकर ब्लू लेक तक जाता है. ट्रेकिंग के दौरान पर्यटकों को कैंपिंग की अनुमति मिलती है, लेकिन सख्त नियम है कि कोई कचरा नहीं छोड़ना है और ना ही कोई आग लगानी है. इसके अलावा झील में तैरना या नहाना पूरी तरह प्रतिबंधित है.




