रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट पर हड़कंप, अमित साटम ने पूर्व DGP संजय पांडेय पर लगाए संगीन आरोप

मुंबई : BJP मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) संजय पांडे पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। साटम ने दावा किया कि संजय पांडे ने तत्कालीन विपक्ष के नेता और मौजूदा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची थी।
अमित के मुताबिक, DGP पद से सेवानिवृत्त हुई रश्मि शुक्ला ने सरकार को एक गोपनीय रिपोर्ट सौपी है। इसमें उल्लेख है कि 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन DGP संजय पांडे ने एक DCP और ACP पर दबाव बनाकर फडणवीस और शिंदे के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने की कोशिश की थी।
संजय पांडेय का नार्को टेस्ट कराने की मांग
अमित साटम ने सवाल उठाया कि संजय पांडे को यह सब करने के निर्देश किसने दिए और इसके पीछे कौन-सी ‘अदृश्य शक्ति’काम कर रही थी? उन्होंने सच सामने लाने के लिए संजय पांडे का नार्को टेस्ट कराने की भी मांग की।
रश्मि शुक्ला की गोपनीय रिपोर्ट में क्या है?
सूत्रों के अनुसार, पूर्व DGP रश्मि शुक्ला ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट में तत्कालीन DGP संजय पांडे और दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की सिफारिश की है। यह सिफारिश 2016 में तत्कालीन विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस और मौजूदा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को कथित तौर पर झूठे मामले में फंसाने की साजिश से जुड़े आरोपों के आधार पर की गई है।
क्या हुआ था
रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन डीजीपी संजय पांडेय, डीसीपी लक्ष्मीकांत पाटिल और एसीपी सरदार पाटिल पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2016 में ठाणे नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक पुराने मामले की दोबारा जांच के जरिए देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे को फंसाने की योजना बनाई। बताया गया है कि 2016 में ठाणे नगर पुलिस स्टेशन में श्याम सुंदर अग्रवाल के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था, जो उनके और पूर्व बिजनेस पार्टनर व डेवलपर संजय पूनामिया के बीच विवाद से जुड़ा था।
मामले में वर्ष 2017 में चार्जशीट दाखिल हो चुकी थी। इसके बावजूद संजय पांडेय पुनः जांच के आदेश दिए। जबरन वसूली का मामला पूनामिया ने शिकायत दर्ज कराई है कि इसी मामले का इस्तेमाल वर्ष 2021 से जून 2024 के बीच उन्हें परेशान करने और जबरन वसूली का दबाव बनाने के लिए किया गया। शिकायत के आधार पर संजय पांडेय सहित सात अन्य लोगों के खिलाफ जबरन वसूली का मामला दर्ज किया गया है।




