राजनीति

राज ठाकरे संग मिलकर BJP के गढ़ में ‘मशाल’ जला पाएंगे उद्धव ठाकरे? जानिए मुंबई के गोरेगांव का सियासी गणित

मुंबई: पश्चिम उपनगर के उभरते हुए इलाको में शामिल गोरेगांव में तेजी से रीडिवेलपमेट चल रहा है। किसी जमाने में मराठी बाहुल्य इस इलाके में अब सभी भाषाओं के लोग मिल जाएंगे। पिछले बीएमसी चुनाव में गोरेगांव वेस्ट की पांचों सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी, जबकि ईस्ट की दो सीटों पर उद्धव सेना के नगरसेवक चुने गए थे, दोनों अब एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए है। शिवसेना (उद्धव) और बीजेपी के बीच इस मुकाबले में कांग्रेस की भी उपस्थिति से कुछ सीटों पर कांटे की टक्कर होगी। वैसे लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में महायुति की गोरेगांव विधानसभा में करीब 24 हजार वोटों से बढ़त रही है।

उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट पर हार-जीत के महज कुछ वोटों के अंतर में गोरेगांव विधानसभा की लीड की महायुति की जीत में अहम भूमिका रही। सामान्य वर्ग के लिए इस विधानसभा के सात वॉर्ड में से पांच सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है, जबकि एक वॉर्ड महिला सामान्य श्रेणी में है। केवल एक वॉर्ड 50 इस इलाके में ओबीसी के लिए आरक्षित है।

वॉर्ड क्रमांक 54, 55, 57, 58 सामान्य वर्ग के लिए है, जबकि वॉर्ड 51 और 56 महिला के लिए आरक्षित है। उद्धव सेना के वरिष्ठ नेता सुभाष देसाई के इस इलाके में किसी समय शिवसेना की तूती बोलती थी, लेकिन आज यहां बीजेपी का वर्चस्व हो गया है।


कुछ नेता है सुरक्षित

वॉर्ड की तलाश में मराठी भाषी वोटरों के चलते मनसे के गठबंधन होने पर शिवसेना (उद्धव) को इस इलाके में अच्छी सीटें हासिल करने की उम्मीद है। हालांकि, बीजेपी भी वोटों के समीकरण के लिहाज से यहां का गणित अपने पक्ष में करने की कोशिश में है। कुछ जीते हुए नगरसेवक भी बदले आरक्षण में अपने लिए सुरक्षित वॉर्ड की तलाश में है, क्योंकि सामान्य सीट से कई दावेदार सामने आ गए है।

फ्लाइओवर के चलते कनेक्टिविटी

मृणालताई गोरे और एमटीएनएल फ्लाइओवर के चलते हाइवे कुछ मिनटों में पहुंचने की सुविधा यहां के लोगों को मिल जाती है। आने वाले समय में कोस्टल रोड का विस्तार, गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड, मृणालताई गोरे फ्लाइओवर एक्सटेंशन से यह इलाका कनेक्टिविटी के मामले में बेहद प्रभावी हो जाएगा। आने वाले सालों में यहां से ईस्टर्न मुंबई जाना भी काफी आसान हो जाएगा।

हिंदी भाषियों की अहम भूमिका

गोरेगांव विधानसभा में करीब 1.2 लाख मराठी मतदाता है। इन्ही पर उद्धव सेना और मनसे के गठबंधन का भविष्य टिका हुआ है। वही, उत्तर-प्रदेश-बिहार के वोटर्स की संख्या 80 से 90 हजार और गुजराती-मारवाड़ी समुदाय के वोटर्स करीब 70 से 75 हजार है। बीजेपी इनके वोट के बूते नैया पार करना चाहती है। विधानसभा में करीब 40,000 मुस्लिम मतदाता भी है, जिनके वोट भी अहम होंगे।

2017 BMC चुनाव के परिणाम

प्रभाग 50 : दीपक ठाकुर: बीजेपी- 10,645 ( जीत)
दिनेश राव: शिवसेना – 6783 (हार)
प्रभाग 51 : स्वप्निल टेंबवलकर: शिवसेना -7,802 वोट (जीत)
विनोद शेलार: बीजेपी -6,635 (हार)
प्रभाग 54 : साधना माने: शिवसेना- 8,363 वोट (जीत)
सानिका वझे: बीजेपी- 6,901 वोट (हार)
प्रभाग 55 :हर्ष पटेल: बीजेपी- 14,256 वोट (जीत)
· किरण पटेल: कांग्रेस-4,460 वोट ( हार)
प्रभाग 56 : राजुल देसाई : बीजेपी – 10,219 वोट ( जीत)
· लोचना चव्हाण: शिवसेना -6,961 ( हार)
प्रभाग 57 : श्रीकला पिल्ले: बीजेपी- 10,444 वोट (जीत)
· माधवी राणे: कांग्रेस- 5,289 (हार)
प्रभाग 58 : संदीप पटेल: बीजेपी- 7,153 वोट (जीत)
राजन पाध्ये: शिवसेना- 6,606 वोट (हार)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button