छत्तीसगढ़

रेत माफिया से पैसों की डील का कथित ऑडियो वायरल, पामगढ़ विधायक ने दी सफाई, कहा- “यह मेरी आवाज़ नहीं, मुझे फंसाने की रची गई साज़िश”

जांजगीर-चांपा। पामगढ़ से कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश और रेत माफिया के बीच पैसों की डील का एक कथित ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। ऑडियो में कलेक्टर और SDM को भी हिस्सा देने की बात कही गई थी। मामले के जोर पकड़ते ही विधायक ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा और पूरे प्रकरण को राजनीतिक साज़िश करार दिया।

“मेरी आवाज़ नहीं, एडिट किया गया है”

प्रेस वार्ता में विधायक ने स्पष्ट कहा- “जो ऑडियो वायरल हुआ है, वह मेरी आवाज़ बिल्कुल नहीं है। इसे एडिट कर वायरल किया गया है। मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। करीब एक माह पहले ही मुझे सूचना मिली थी कि ऐसा एक ऑडियो तैयार किया जा रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह कथित ऑडियो राजेश भारद्वाज द्वारा तैयार किया गया है।

“पैसा और ज़मीन का लालच देकर दबाव बनाया गया”

विधायक शेषराज हरवंश ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पैसा और जमीन देने का लालच देकर अवैध रेत कारोबार को चलाने के लिए दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा मेरे विधायक होने की वजह से मुझसे पामगढ़ में रेत के अवैध कारोबार को बढ़ावा देने की मांग की गई। मैंने साफ इंकार कर दिया। इसी के बाद मुझे फंसाने की साज़िश रची गई।

अवैध रेत खनन में नेताओं पर मिलीभगत का आरोप

विधायक ने दावा किया कि पामगढ़ क्षेत्र की महानदी के सभी रेत घाट अवैध हैं और इन्हें कई बार पकड़ा भी गया है। उन्होंने कहा – “इस अवैध कारोबार में कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों के नेता शामिल हैं। यहां तक कि दो सरपंच भी मुझे बदनाम करने की साज़िश में लगे हुए हैं।”

“देवेश तिवारी ने संपर्क किया था”

शेषराज हरवंश ने बताया कि देवेश तिवारी ने दिसंबर माह में उनसे मुलाकात कर रेत घाट चलाने की मांग रखी थी। उन्होंने कहा – “मैंने साफ शब्दों में कह दिया था कि मैं इस काम में सहयोग नहीं कर सकती। उसके बाद भी लगातार दबाव बनाया गया। देवेश तिवारी और राजेश भारद्वाज करीबी दोस्त हैं और मिलकर इस पूरे षड्यंत्र को अंजाम दे रहे हैं।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिनसे उनकी मुलाकात बताई जा रही है, वैसा कुछ नहीं हुआ। “जिस समय कहा गया कि मैं बिलासपुर के घर पर आशीष तिवारी उनसे मिली, उस समय मैं मस्तूरी में अपनी बहन के घर पूजा में बैठी थी। उन्होंने कहा मैंने देवेश तिवारी से भी यही कहा कि आप मीटिंग में जाकर बात कीजिए, मैं इस काम में मदद नहीं कर सकती।

गौरतलब है कि जांजगीर-चांपा जिले में महानदी और हसदेव नदी से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिलती रही हैं। अब कथित ऑडियो और विधायक की सफाई सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।

कथित ऑडियो में विधायक और रेत माफिया के बीच हुई पैसों की डील

बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल कथित ऑडियो में पामगढ़ की कांग्रेस विधायक शेषराज हरबंश और रोशन नाम के एक व्यक्ति के बीच संवाद हो रहा है, जिसमें रेत खनन से जुड़े सौदे और रकम पर सहमति बनती सुनाई देती है। ऑडियो में विधायक शेषराज हरबंश कथित रूप से कहती हैं- “2 लाख कलेक्टर को, 2 लाख SDM को और 5 लाख मुझे देने होंगे, तभी तुम्हें काम करने दिया जाएगा।” इसके साथ ही राघवेंद्र नाम के एक अन्य व्यक्ति को एक लाख रुपये देने की बात भी कही गई। यानी, कुल 10 लाख रुपये के मासिक भुगतान की चर्चा की गई। हालांकि इस ऑडियो की पुष्टि नहीं हुई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।

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