वंदे भारत स्लीपर दूसरी ट्रेन की हो गई घोषणा, ना दिल्ली ना पटना, यह तो चलेगी मुंबई से

नई दिल्ली: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Train) का इंतजार देश के हर राज्य को है। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी रूट पर चली थी। दूसरी वंदे भारत के बारे में कयास था कि यह दिल्ली से पटना या दिल्ली से हावड़ा के रूट पर चलेगी। लेकिन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन सब कयासों पर विराम लगा दिया है। उन्हें खुद पत्र लिख कर सूचित किया है कि वंदे भारत स्लीपर का दूसरा रूट क्या होगा।
बेंगलुरु से मुंबई
अश्विनी वैष्णव ने बीते 5 अप्रैल को बेंगलुरु सेंट्रल से लोकसभा सदस्य पी.सी. मोहन को पत्र लिख कर बताया कि KSR बेंगलुरु और CSMT मुंबई स्टेशनों के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेवा को मंजूरी दी गई है। केएसआर बेंगलुरु रेलवे स्टेशन दरअसल बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन है जिसका नाम अब बदल कर क्रांतीवीर संगोली रायना बेंगलुरु (Krantivira Sangolli Rayanna Bengaluru) कर दिया गया है। वैष्णव ने बताया कि इस समय ट्रेन के रूट, जर्नी टाइम और फ्रीक्वेंसी आदि पर काम कर चल रहा है। उन्होंने लिखा है “ट्रेन सेवा जल्द ही शुरू होगी।”
बेंगलुरु से मुंबई 17 घंटे में?
बेंगलुरु डिवीजन के डीआरएम आशुतोष कुमार सिंह ने डेक्कन हेराल्ड के साथ बातचीत में बताया है कि इन दोनों शहरों के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलेगी, इसकी घोषणा तो हो गई है। लेकिन अभी रूट फाइनल नहीं हुआ है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि दोनों शहरों के बीच यह ट्रेन 17 से 18 घंटे में यात्रा पूरी करेगी। इसका रूट क्या होगा, वाया कालबुर्गी (Kalaburagi) या वाया हुबली (Hubballi)? इस सवाल पर उनका कहना था कि अभी भी इस पर काम चल रहा है। हां, उन्होंने बताया कि बेंगलुरु से मुंबई जाने का वाया हुबली छोटा रूट है जबकि वाया हुबली जाने में ज्यादा समय लगता है।
कालबुर्गी या हुबली रूट?
इस समय कालबुर्गी रूट पर दोनों शहरों के बीच उद्यान एक्सप्रेस चलती है। यह रूट तो महज 1,136 किलोमीटर ही लंबा है और यह रूट परी तरह से विद्युतीकृत है। लेकिन पूरे मार्ग में डबल ट्रैक नहीं है। यह रूट कर्नाटक के कुछ जिलों से होकर ही गुजरता है। यह मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश को सर्व करता है। जबकि हुबबली रूट 1,215 किमी लंबा है और यह भी पूरी तरह से विद्युतीकृत है। यह कर्नाटक की अंदरूनी हिस्से से होकर गुजरता है, जो आधा दर्जन से अधिक जिलों को कवर करता है। कर्नाटक के जन प्रतिनिधियों और लोगों ने इसी रूट पर ट्रेन चलाने की मांग की है।
वंदे भारत स्लीपर पहली ट्रेन कहां
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलती है। इससे पश्चिम बंगाल और असम के यात्रियों को सेवा मिलती है। अनुमान थी कि दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन नई दिल्ली से हावड़ा, मुंबई या पटना के बीच चल सकती है। लेकिन अब रेल मंत्री ने इन सब अनुमानों पर विराम लगा दिया।




