सर्दियों में फटी एड़ियों से परेशान? महंगी क्रीम नहीं अब मोमबत्ती करेगी कमाल, दर्द और दरार दोनों होंगी गायब

सतना. सर्दियों का मौसम आते ही त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां बढ़ने लगती हैं और इन्हीं में सबसे आम समस्या है फटी और रूखी एड़ियां. ठंडी हवा, कम नमी और रोजमर्रा के घरेलू काम पैरों की त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं. खासतौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में रहने वाली महिलाएं इस समस्या से ज्यादा जूझती हैं, जहां घर के अंदर नंगे पैर चलना, मंदिर या किचन में जूते-चप्पल न पहनना आम बात है. कई बार एड़ियों की दरारें इतनी गहरी हो जाती हैं कि चलने-फिरने में दर्द होने लगता है और खून तक निकल आता है. ऐसे में महंगी क्रीम और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के बजाय एक देसी और सस्ता घरेलू नुस्खा लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और वह है मोमबत्ती का मोम.
लोकल 18 से बातचीत में मध्य प्रदेश के सतना के स्किन स्पेशलिस्ट डॉ पुनीत अग्रवाल बताते हैं कि सर्दियों में त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है. पैरों की त्वचा में वैसे भी तेल ग्रंथियां कम होती हैं, जिससे ड्रायनेस जल्दी बढ़ती है. जब लोग नियमित मॉइश्चराइजिंग नहीं करते, नंगे पैर चलते हैं या ठंडे फर्श पर ज्यादा समय बिताते हैं, तो एड़ियों की ऊपरी परत सख्त होकर फटने लगती है. समय पर देखभाल न की जाए, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है.
नारियल तेल से लेकर मोम तक असरदार देसी उपाय
एक्सपर्ट के अनुसार, अगर एड़ियों में हल्की दरारें हैं, तो नारियल का तेल काफी मददगार साबित हो सकता है लेकिन जब दरारें ज्यादा गहरी हों और दर्द भी हो, तब मोमबत्ती का मोम एक बेहतरीन घरेलू उपाय बन जाता है. हल्का गर्म किया हुआ मोम जब एड़ियों पर लगाया जाता है, तो यह त्वचा पर एक सुरक्षात्मक परत बना लेता है. यह परत त्वचा की नमी को बाहर निकलने से रोकती है और अंदर से रिपेयर की प्रक्रिया को तेज करती है.
मोमबत्ती से बनी क्रीम का इस्तेमाल
फटी एड़ियों के लिए मोम का सही तरीके से इस्तेमाल बेहद जरूरी है. इसके लिए मोमबत्ती के मोम को हल्का पिघलाएं और उसमें नारियल या सरसों का तेल मिलाएं. चाहें तो कुछ बूंदें ग्लिसरीन की भी डाल सकते हैं. रात में सोने से पहले पैरों को गुनगुने पानी से धोकर साफ करें, फिर तैयार मिश्रण को एड़ियों पर अच्छी तरह लगाएं और सूती मोजे पहन लें. सुबह तक मोम त्वचा में नमी लॉक कर देता है, जिससे कुछ ही दिनों में फर्क नजर आने लगता है.
आज भी कारगर पुराने जमाने का नुस्खा
यह उपाय कोई नया ट्रेंड नहीं है बल्कि पुराने समय से चला आ रहा देसी तरीका है. बघेलखंड क्षेत्र की महिलाएं पहले से ही मोम, तेल और घरेलू चीजों की मदद से अपने पैरों और एड़ियों को मुलायम बनाए रखती थीं. नियमित इस्तेमाल से न सिर्फ दरारें भरती हैं बल्कि पैरों में प्राकृतिक चमक भी लौट आती है.
नियमित देखभाल से बेहतर रिजल्ट
विशेषज्ञों का कहना है कि इस नुस्खे को कुछ दिनों तक लगातार अपनाया जाए, तो ठंड के मौसम में भी पैर मुलायम, साफ और स्वस्थ बने रह सकते हैं. साथ ही दिन में एक बार मॉइश्चराइजर लगाना और ज्यादा देर तक नंगे पैर चलने से बचना भी जरूरी है. सही देखभाल से सर्दियों में फटी एड़ियों की समस्या को आसानी से दूर किया जा सकता है.




