सीजीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी रिश्वत के 70 लाख से खरीदने वाली थी सोना, रिकॉर्डिंग में मिले सबूत

लखनऊ: CGST झांसी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को 70 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में सीबीआई द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने के बाद जांच में कई अहम तथ्य मिले हैं। इन्हीं सबूतों और सीबीआई द्वारा अदालत में पेश रिपोर्टों के आधार पर विशेष न्यायाधीश (एंटी करप्शन), सीबीआई-5 ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने माना कि यह गंभीर भ्रष्टाचार का मामला है और आरोपी की प्रभावशाली हैसियत के कारण साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
जांच में सहयोग न करने पर भी अदालत सख्त
सीबीआई ने बताया कि प्रभा भंडारी ने जांच के दौरान कई चरणों में असहयोग किया। उन्होंने शुरुआत में आवाज का नमूना देने से इनकार कर दिया। फेस आईडी/बायोमीट्रिक लॉक वाला मोबाइल अनलॉक करवाने में टालमटोल की। जांच अधिकारी द्वारा पढ़ने को दिए गए निर्दिष्ट शब्दों को पढ़ने से मना किया, जिसके चलते डिजिटल साक्ष्य जुटाने में बाधा आई। सीबीआई ने अदालत को यह भी बताया कि आरोपी की यही प्रवृत्ति संकेत देती है कि जमानत पर रिहा होने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है।
रिकॉर्डिंग में ये जानकारी मिली
सीबीआई ने कोर्ट में जो अहम साक्ष्य पेश हुए, वह थी कंट्रोल कॉल रिकॉर्डिंग। इसमें अधीक्षक अजय शर्मा और प्रभा भंडारी के बीच हुई बातचीत से साफ हुआ कि बरामद 70 लाख रुपये रिश्वत के थे और उससे सोना खरीदे जाने की बात हो रही थी। बातचीत का प्रमुख अंश।
अजय: मैम, वो वहां से सत्तर ले लिए हैं।
प्रभा: हूं।
अजय: आप गोल्ड की कह रही थी, गोल्ड ले लूं?
प्रभा: जो मैंने पहले बोला था… उसका क्या हुआ?
अजय: जितने का कहेंगी उतने का गोल्ड ले लेंगे।
प्रभा: ठीक है, ले लो।
अदालत ने इस बातचीत को भंडारी की सक्रिय भूमिका का स्पष्ट प्रमाण माना।c



