राजनीति
‘होर्मुज में इंडियन नेवी निकाल रही अपने जहाज’, पश्चिमी देशों के लिए सबक, भारतीय कूटनीति की हो रही तारीफ

नई दिल्ली: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच हॉर्मुज के रास्ते सुरक्षित भारत पहुंचे जहाजों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिल्ली की कूटनीति और सेना की जमकर तारीफ हो रही है। हाल में ही विदेशी मीडिया द्वारा दावे किए गए कि भारत ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए ईरान को रकम दी है। जिस पर भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय स्ट्रेट है। इसे पार करने के लिए किसी की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।
होर्मुज के रास्ते पर भारत द्वारा अपने युद्धपोतों की तैनाती और शिपिंग मंत्रालय द्वारा दिए गए इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रिपब्लिकन्स ओवरसीज इजरायल के चेयरमैन मार्क जेल ने भारत की नीति की सराहना की। उन्होंने कहा, भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति की रक्षा के लिए नौसेना का उपयोग कर रहा है और यह पश्चिमी देशों के लिए एक उदाहरण हो सकता है।
ऊर्जा सुनिश्चित करने के लिए नौसेना का इस्तेमाल कर रहा भारत’
- मार्क जेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए भारत को बधाई दी और कहा, भारत ईरानियों को कोई रिश्वत नहीं दे रहा है। वह अपनी ऊर्जा को सुनिश्चित करने के लिए नौसेना का इस्तेमाल कर रहा है। यह पश्चिमी देशों के लिए उदाहरण है।
होर्मुज के रास्ते पर भारत ने तैनात किए युद्धपोत
- बता दें ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद किए जाने के बाद से ही भारत ने इस क्षेत्र में युद्धपोतों की संख्या बढ़ा दी है। इन युद्धपोतों का काम होर्मुज के रास्ते भारत आ रहे व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान करना है। साथ ही यह युद्धपोत इन जहाजों को सुरक्षित रास्ता भी बता रहे हैं।
- शिपिंग मंत्रालय ने क्या कहा?
- मंगलवार को शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय स्ट्रेट है। उन्होंने कहा, इस स्ट्रेट से गुजरने के लिए प्रत्येक देश स्वतंत्रता का अधिकार रखता है। इसे पार करने के किसी भी देश की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्ट्रेट से गुजरने के लिए पहले भी अनुमति की आवश्यकता नहीं है, अब भी इसकी आवश्यकता नहीं है।
- शिपिंग मंत्रालय ने क्या कहा?
- मंगलवार को शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय स्ट्रेट है। उन्होंने कहा, इस स्ट्रेट से गुजरने के लिए प्रत्येक देश स्वतंत्रता का अधिकार रखता है। इसे पार करने के किसी भी देश की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्ट्रेट से गुजरने के लिए पहले भी अनुमति की आवश्यकता नहीं है, अब भी इसकी आवश्यकता नहीं है।
- पीएम मोदी ने क्या कहा?
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में जानकारी दी कि बीते दिनों होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार अलग-अलग देशों के सप्लायर के साथ संपर्क में है। प्रयास यह है कि जहां से संभव हो, वहां से तेल और गैस की सप्लाई होती रहे।




