30 झांकियां और सैकड़ों कलाकार, कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी को दिखाएंगे कमाल

नई दिल्ली: टेराकोटा से लेकर ताम्र कला, गिर नृत्य से लेकर घोड़ा नाच, समुद्र समाधि से लेकर वॉटर मेट्रो, ऑपरेशन सिंदूर से लेकर वंदेमातरम-कर्तव्य पथ पर देश के कई रंग इस बार गणतंत्र दिवस पर दिखेंगे। आज फुल ड्रेस रिहर्सल भी होगी। दिल्ली कैंट में ‘राष्ट्रीय रंगशाला कैंप’ में कलाकार और करीगर इन झांकियों को परफेक्ट बनाने में जुटे हुए हैं।
तमिलनाडु की झांकी का हिस्सा बनने दिल्ली पहुंची एमए स्टूडेंट राजलक्ष्मी कहती हैं, हमारा ग्रुप 11 जनवरी को दिल्ली पहुंचा। यहां कई राज्यों के कल्चर को जानने का मौका मिल रहा है। कई आर्टिस्ट से दोस्ती हुई। हम सुबह-दिन-शाम रिहर्सल कर रहे है।
वहीं, राजस्थान की झांकी के डांसर विकास गहलोत कहते हैं, हमारी 10 कलाकारों की टोली 16 जनवरी से दिल्ली में रिहर्सल कर रही है। यह कमाल का अनुभव है। मैं पहली बार दिल्ली आया हूं, यह बेहद खूबसूरत है।
Gen Z के संग कल्चर भी, एजुकेशन भी: Gen Z ‘वंदेमातरम’ थीम पर संस्कृति मंत्रालय की झांकी की अगुवाई करेंगे, तो शिक्षा मंत्रालय की झांकी के साथ भी नजर आएंगे। कर्तव्य पथ पर वीआर हेडसेट पहने बच्चे, जादुई पिटारा, स्वदेशी खिलौने से लेकर रोबॉटिक्स, डिजिटल लैब्स नजर आएंगी। क्लास 6 की केंद्रीय विद्यालय की स्टूडेंट शुभांशी कहती है, मैं पीएमश्री केवी स्कूल, जेएनयू से हूं। करीब दो हफ्ते से हम इस कैंप में सुबह-शाम प्रैक्टिस कर रहे हैं।
‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ थीम के साथ पहाड़ी राज्य अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों ‘ढोल’ और ‘रणसिंघा’ की आकर्षक तांबे की मूर्तियों के साथ लोगों का ध्यान खींचेगा। वहीं, जम्मू-कश्मीर के फोक डांस, लद्दख का नोमेड कल्चर तो हिमाचल की वीरगाथा भी 26 जनवरी को सुनाई देगी। गुजरात की झांकी में भारतीय ध्वज की विकास यात्रा होगी, तो झारखंड की झांकी दशम जलप्रपात, वन्यजीव, इको टूरिजम और पुडुचेरी की झांकी में इको विलेज से लेकर अरबिंदो आश्रम को पेश करेगा। 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से और 13 झांकियां अलग-अलग मंत्रालय और विभागों से परेड का हिस्सा बनेंगी।



