33,000 फीट की ऊंचाई से गिरी लड़की, टूट गया बदन का एक-एक हिस्सा, फिर भी दे दी मौत को मात!

प्लेन हादसे दर्दनाक होते हैं. इन हादसों में बचने वालों की संख्या बेहद कम होती है. अब तक के रिकार्ड्स में Vesna Vulovic नाम की महिला का नाम दर्ज है, जिसने बेहद खौफनाक प्लेन क्रैश सर्वाइव किया था. महिला 33 हजार फ़ीट की ऊंचाई से गिरकर भी जिंदा रह गई थी.
प्लेन हादसे हमेशा दिल दहला देने वाले होते हैं. इनमें जिंदा बचने की संभावना बेहद कम होती है, लेकिन इतिहास में एक ऐसी घटना दर्ज है जो आज भी लोगों को हैरान करती है.
यह कहानी है वेस्ना वुलोविच की, एक 23 साल की युगोस्लाव फ्लाइट अटेंडेंट की, जिन्होंने 33,000 फीट से ज्यादा की ऊंचाई से गिरकर भी जिंदगी पाई. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में सबसे ऊंची गिरावट बिना पैराशूट के सर्वाइव करने का रिकॉर्ड आज भी उनके नाम दर्ज है.
नहीं बचा था कोई यात्री
घटना 26 जनवरी 1972 की थी. वेस्ना वुलोविच उस समय जाट युगोस्लाव एयरलाइंस (JAT) में नई-नई फ्लाइट अटेंडेंट बनी थीं. वे मूल रूप से उस फ्लाइट पर ड्यूटी के लिए नहीं थी. एक क्लेरिकल मिस्टेक हुई, जिसमें उनके नाम को दूसरे फ्लाइट अटेंडेंट (जिसका नाम भी वेस्ना था) से कन्फ्यूज कर दिया गया. इस वजह से वे स्टॉकहोम से बेलग्रेड जा रही फ्लाइट 367 पर सवार हो गई. फ्लाइट का रूट स्टॉकहोम से कोपेनहेगन, फिर जाग्रेब होते हुए बेलग्रेड था. कोपेनहेगन में वे बोर्ड पर चढ़ी. उड़ान भरने के महज 46 मिनट बाद, दोपहर 4:01 बजे, प्लेन चेकोस्लोवाकिया (अब चेक रिपब्लिक) के ऊपर से गुजर रहा था. अचानक बैगेज कंपार्टमेंट में जबरदस्त धमाका हुआ. जांचकर्ताओं के मुताबिक, यह एक ब्रिफकेस बम था, जिसे क्रोएशियन नेशनलिस्टों ने प्लांट किया था. धमाके से मैकडॉनेल डगलस DC-9 प्लेन तीन टुकड़ों में बंट गया. अचानक डीकंप्रेशन हुआ, जिससे पैसेंजर्स और क्रू मेंबर्स को कैबिन से बाहर खींच लिया गया. सब-जीरो टेम्परेचर में वे मौत के मुंह में समा गए. प्लेन में कुल 28 लोग सवार थे. इसमें से 27 की मौके पर मौत हो गई. लेकिन वेस्ना बच गई.




