अंतर्राष्ट्रीय

लीबिया में डूबी प्रवासियों से भरी नाव, सिर्फ 2 महिलाओं को निकाला जा सका, 53 की मौत का अंदेशा

त्रिपोली: लीबिया के पास प्रवासियों को लेकर जा रही एक नाव डूबने से कम से कम 53 लोग मारे गए हैं या लापता हैं। हादसे का शिकार हुए लोगों में दो बच्चे भी शामिल हैं। यह हादसा तब हुआ, जब 55 अफ्रीकी प्रवासियों को लेकर गुरुवार रात लीबिया के पश्चिमी शहर जाविया से रवाना हुई नाव में शुक्रवार सुबह जुवारा शहर में पलट गई। इस रूट को लोग अफ्रीका से यूरोप में बेहतर जिंदगी की तलाश के लिए चुनते रहे हैं। यहां अक्सर नाव पलटने से हादसे होते हैं।

इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) ने सोमवार को बताया कि 55 लोगों को ले जा रही ना शुक्रवार को उत्तर-पश्चिमी लीबिया के जुवारा शहर के उत्तर में पली। लीबियाई अधिकारियों ने केवल दो लोगों को बचाया, दोनों नाइजीरियाई मूल की महिलाएं थीं। आईओएम को एक जीवित बची महिला ने बताया कि उसने इस हादसे में अपने पति को खो दिया। दूसरी ने अपने दो बच्चों को खो देने की बात कही।

सिर्फ दो महिलाओं को बचाया जा सका

जानकारी के मुताबिक, यह नाव 5 फरवरी की देर रात पश्चिमी शहर अल-जाविया से निकली थी। जीवित बचे लोगों ने संयुक्त राष्ट्र की माइग्रेशन एजेंसी को बताया कि यात्रा शुरू होने के लगभग छह घंटे बाद नाव में पानी भरने लगा और वह पलट गई। आईओएम ने कहा कि उसकी टीमों ने महिलाओं को इमरजेंसी मेडिकल मदद दी।

सेंट्रल मेडिटेरेनियन सी का ये रास्ता सबसे खतरनाक प्रवासी रास्तों में से एक बना हुआ है। इस त्रासदी से 2026 में ही मरने वालों की संख्या 484 हो गई है। एजेंसी ने चेतावनी दी कि तस्करी नेटवर्क खराब जहाजों का इस्तेमाल कर प्रवासियों का फायदा उठाना जारी रखे हुए हैं। इस गंभीर मसले पर ध्यान देने की बात उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से की है।

लगातार हो रहे इस रूट पर हादसे

पिछले साल नवंबर में आईओएम ने कहा था कि लीबिया के तट से दूर 49 प्रवासियों और शरणार्थियों को ले जा रही एक रबर की नाव पलट गई थी, जिसमें 42 लोगों की मौत हो गई थी। आईओएम ने कहा कि लीबियाई अधिकारियों ने 8 नवंबर को अल बूरी तेल क्षेत्र के पास एक खोजी और बचाव अभियान चलाया। तब लीबिया के तटीय शहर ज़ुवारा से निकला जहाज पलट गया था।

जीवित बचे लोगों के अनुसार, नाव 3 नवंबर को ज़ुवारा से निकली थी। इसके निकलने के लगभग छह घंटे बाद, ऊंची लहरों के कारण इंजन खराब हो गया, जिससे जहाज पलट गई और सभी यात्री समुद्र में बह गए। छह दिनों बाद सात लोगों को बचाया गया। इनमें चार सूडान के, दो नाइजीरिया से और एक कैमरून से था। आईओएम ने कहा कि 42 लापता प्रवासियों को मृत मान लिया गया।

आईओएम के मिसिंग माइग्रेंट्स प्रोजेक्ट डेटा के अनुसार, 2025 में सेंट्रल मेडिटेरेनियन में 1,000 से ज्यादा प्रवासियों और शरणार्थियों की मौत हुई।संयुक्त राष्ट्र की मान्यता प्राप्त गवर्नमेंट ऑफ नेशनल यूनिटी (जीएनयू) के तहत लीबिया के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि उसने उत्तर-पश्चिमी लीबिया में अवैध प्रवासियों की तस्करी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कई नावों को निशाना बनाया है।

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