मध्यप्रदेश

गोली मार दो, JCB चढ़ा दो, खंडवा में अतिक्रमण हटाने गई टीम से भिड़े कांग्रेस नेता

खंडवा: शहर में अतिक्रमण हटाने की मुहिम ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। गुलमोहर कॉलोनी में भैंसों का अवैध तबेला तोड़ने के दौरान कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अहमद पटेल और सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग सिंह बहादुर के बीच जमकर विवाद हो गया। पूर्व पार्षद अहमद पटेल ने कार्रवाई के खिलाफ विरोध जताया, जिस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया।

तबेले पर अड़ गए कांग्रेस नेता

कार्रवाई सोमवार दोपहर को हुई, ज़ब JCB मशीनें गुलमोहर कॉलोनी पहुंचीं। यहां रहवासी इलाके में कुछ लोगों ने भैंसों का तबेला अवैध रूप से बना रखा था, जो साफ तौर पर नियमों का उल्लंघन था। सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग सिंह बहादुर ने स्पष्ट रूप से कहा कि आप रहवासी क्षेत्र में भैंसों का तबेला नहीं चला सकते। CM हेल्पलाइन में इसकी शिकायत हुई है। इस पर कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पार्षद अहमद पटेल ने कारवाई में हस्तक्षेप किया।

मोहलत देने से मजिस्ट्रेट का इंकार

कांग्रेस नेता ने अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा और अन्य जगहों पर कार्रवाई मे भेदभाव करने की बात कही। सिटी मजिस्ट्रेट ने इंकार करते हुए बताया कि इन सबको पहले ही 15 दिन का समय दे दिया गया था, लेकिन लापरवाही बरती गई। अब सिर्फ कार्रवाई होगी। इस बात से भड़के अहमद पटेल ने कहा, ऐसा है तो हमें गोली मार दो, एनकाउंटर कर दो, JCB हम पर चढ़ा दो… खेल ही खत्म हो जाएगा। यह सुनकर सिटी मजिस्ट्रेट भड़क गए। उन्होंने तीखे लहजे में कहा, ये गोली वाली बात कहां से आ गई? आप व्यर्थ में कार्य में बाधा डाल रहे हो। अगर बाधा डाली तो अंदर कर देंगे।

राजनीतिक रंग औऱ कांग्रेस का विरोध

घटना के बाद कांग्रेस समर्थकों में नाराजगी है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अहमद पटेल का रुख आक्रामक रहा। स्थानीय भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक ड्रामा करार दिया। एक भाजपा कार्यकर्ता ने कहा कि अतिक्रमण हटाना जरूरी है, विरोधी इसे राजनीतिक रूप दे रहे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि गरीबों के साथ अन्याय हो रहा है।

शहर में व्यापक कार्रवाई

खंडवा नगर निगम और प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान को तेज कर दिया है। पिछले एक सप्ताह में दर्जनों अवैध निर्माण ध्वस्त हो चुके हैं। गुलमोहर कॉलोनी के अलावा अन्य वार्डों में भी JCB चल रही हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने चेतावनी दी कि नोटिस के बाद भी अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाना हमारा लक्ष्य है। रहवासी इलाकों में तबेले या दुकानें नहीं चलेंगी। स्थानीय व्यापारी और निवासी अलग अलग दुहाई दे रहे हैं। जहां कुछ लोग राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं प्रभावित लोग नुकसान की भरपाई की मांग भी प्रशासन से ही कर रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button