राजनीति

टीपू सुल्तान पर महाराष्ट्र में गरमाई सियासत, पुणे में FIR, आंदोलन के वॉर्निंग…

मुंबई : महाराष्ट्र में मालेगांव महानगरपालिका के मेयर दफ्तर में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाई गई। जैसे ही यह खबर फैली एक नए विवाद ने जन्म ले लिया। सियासी बयानबाजी होने लगी। देखते ही देखते राजनीति गरमा गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लेकर तमाम वरिष्ठ नेताओं ने चेतावनी जारी की। इसी बीच महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान की तुलना कर नया विवाद खड़ा कर दिया। सपकाल ने कहा है कि जैसे शिवाजी महाराज ने बहादुरी और आज़ादी का विचार दिया, वही टीपू सुल्तान ने भी किया था। इसलिए टीपू सुल्तान को शिवाजी महाराज के बराबर माना जाना चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी की आध्यात्मिक समन्वय आघाड़ी के प्रमुख आचार्य तुषार भोसले ने कहा है कि यदि 24 घंटे के भीतर टीपू सुल्तान का फोटो नहीं हटाया गया तो हिंदू समाज के साथ मिलकर वे खुद इसे हटाने का आंदोलन शुरू करेंगे।


किसने लगाई टीपू सुल्तान की तस्वीर

मालेगांव नगर निगम की उप महापौर, शान-ए-हिंद निहाल अहमद के दफ्तर में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाई गई। जैसे ही यह खबर फैली राजनीति विवाद तूल पकड़ने लगा। इस पर शान ए हिंद निहाल अहमद ने कहा कि 18वीं सदी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान का चित्र उनके कार्यालय में ही रहेगा। उन्होंने कहा कि यह हमारा अधिकार है कि हम तय करें कि हमारे कार्यालय में कौन सी तस्वीरें प्रदर्शित की जाएं… यदि कर्मचारियों ने कोई तस्वीर लगाई है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। हम समाजवादी विचारधारा के लोग हैं। इसलिए, हम उन महान हस्तियों की तस्वीरें प्रदर्शित करेंगे जो हमारे आदर्शों का प्रतिनिधित्व करती हैं… टीपू सुल्तान के चित्र के विरोध के बावजूद, इसे मेरे कार्यालय में प्रदर्शित किया गया था…।

आचार्य भोसले ने दी चेतावनी

आचार्य भोसले ने बताया कि महानगरपालिका एक सार्वजनिक प्रशासनिक संस्था है। यहां ऐसे व्यक्तियों के चित्र लगने चाहिए जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हों। उन्होंने टीपू सुल्तान के इतिहास को विवादास्पद बताते हुए कहा कि उनके नाम और चित्र से समाज के एक बड़े वर्ग में गहरा असंतोष है। यह तस्वीर सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकती है।

उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यदि फोटो नहीं हटाया गया तो भाजपा आध्यात्मिक आघाड़ी के कार्यकर्ता और हिंदू समाज के लोग लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे। आचार्य भोसले ने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे चित्र नहीं होने चाहिए जो किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करें।


संजय निरुपम बोले मालेगांव कट्टरपंथी के लिए कुख्यात

शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि देश के महापुरुषों की तस्‍वीर लगाने के बदले टीपू सुल्‍तान की तस्‍वीर लगाना निंदनीय है। देश के लाखों स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है। उन्होंने कहा कि मालेगांव पहले से ही कट्टरपंथी तत्वों के लिए कुख्यात रहा है और देश में जब भी बड़ा बम विस्फोट होता है तो उसका कोई न कोई संबंध मालेगांव से जुड़ता रहा है। निरुपम ने कहा कि मालेगांव म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में डिप्टी मेयर के कार्यालय में केवल टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने की घटना आपत्तिजनक है। उनके अनुसार, टीपू सुल्तान राष्ट्रपुरुष नहीं थे, बल्कि एक रियासत के प्रमुख थे, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ मैसूर में सत्ता बचाने के लिए युद्ध लड़ा, न कि देश की आजादी के लिए।

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