दिल्ली

 दिल्ली मेट्रो में महिला से छेड़छाड़ के दोषी की सजा बरकरार, कोर्ट ने कहा- ‘अश्लीलता बर्दाश्त नहीं’

दिल्ली मेट्रो में महिला यात्री के सामने अश्लील हरकत करने वाले आरोपी की सजा को साकेत कोर्ट ने बरकरार रखा है. कोर्ट ने दोषी की अपील खारिज करते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन में इस तरह का व्यवहार बेहद गंभीर और चिंताजनक है. 

एडिशनल सेशन जज हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी की कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मेट्रो जैसी सार्वजनिक व्यवस्था में महिलाओं के साथ इस तरह की घटनाएं समाज के लिए बेहद परेशान करने वाली हैं. अदालत ने साफ कहा कि जब बड़ी संख्या में महिलाएं रोजाना सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करती हैं, तो ऐसी घटनाएं उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं.

मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश सही करार 

कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ पेश किए गए सबूत पर्याप्त हैं और ट्रायल कोर्ट का फैसला पूरी तरह सही है. इसलिए आरोपी को दी गई सजा में दखल देने की कोई जरूरत नहीं है. 

दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह घटना दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर साकेत और आईएनए स्टेशन के बीच हुई थी. आरोप है कि मेट्रो में सफर के दौरान आरोपी ने एक महिला यात्री के सामने खुद को नग्न कर लिया और अश्लील हरकतें कीं. इतना ही नहीं, उसने महिला को गलत तरीके से छूने की भी कोशिश की.

मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आरोपी को घोषित किया था दोषी 

इस घटना के बाद महिला की शिकायत पर आईएनए मेट्रो पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था और जांच के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई. मामले की सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने 24 मई 2025 को आरोपी को दोषी करार दिया था. 

इसके बाद 6 अक्टूबर 2025 को कोर्ट ने उसे एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी. साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था. अब सेशन कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखते हुए आरोपी की अपील खारिज कर दी है.

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