12 इंजीनियर सस्पेंड, 4 की जांच-7 का तबादला, जल निगम में Yogi की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में हर घर नल से जल पहुंचाने के अभियान में सुस्ती बरतने वाले अधिकारियों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति का डंडा चला है। नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 26 इंजीनियरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। इनमें से 12 को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।
क्यों हुई इतनी बड़ी कार्रवाई?
जल जीवन मिशन सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में से एक है। विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने पाया कि कई जिलों में प्रोजेक्ट का काम बहुत धीमी गति से चल रहा था और इंजीनियरों द्वारा लापरवाही बरती जा रही थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, काम में लेटलतीफी करने वाले अधिशासी अभियंता (EE), सहायक अभियंता (AE) और जूनियर इंजीनियर (JE) रैंक के अधिकारियों पर यह गाज गिरी है।
निलंबन और जांच की पूरी लिस्ट
12 इंजीनियर सस्पेंड
लखीमपुर खीरी, जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली के अधिशासी अभियंताओं समेत कुल 12 लोगों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें बिजनौर, औरैया, हाथरस और आजमगढ़ के सहायक व जूनियर इंजीनियर भी शामिल हैं।
विभागीय जांच (Disciplinary Inquiry)
औरैया, मैनपुरी, प्रयागराज और शामली के 4 अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक जांच के आदेश दिए गए हैं।




