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भारत की चमत्कारी चोटी, जहां से निकलती हैं साढ़े 7 नदियां, जानें इस रहस्यमयी जगह का राज?

Janapav Hill: मध्य प्रदेश का Indore सिर्फ स्वादिष्ट खान-पान और जीवंत माहौल के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास मौजूद प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों के लिए भी जाना जाता है. इन्हीं में से एक खास जगह है Janapav Hill, जिसे प्रकृति, आस्था और रहस्यों का अनोखा संगम माना जाता है.

इंदौर जिले की महू तहसील में स्थित यह पहाड़ी शहर से लगभग 45 किलोमीटर दूर है. करीब 854 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह विंध्याचल की प्रमुख चोटियों में गिनी जाती है. इंदौर-मुंबई हाईवे के पास होने की वजह से यहां पहुंचना आसान है, जिससे पर्यटकों की आवाजाही सालभर बनी रहती है.

खासकर मानसून में यहां का नजारा बेहद खूबसूरत हो जाता है. चारों तरफ हरियाली, ठंडी हवाएं और बादलों से ढकी पहाड़ियां इसे ट्रेकिंग और नेचर लवर्स के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन बना देती हैं.

धार्मिक नजरिए से भी इस स्थान की खास पहचान है. मान्यता है कि Parshuram का जन्म यहीं हुआ था. हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर यहां भव्य मेला लगता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु शामिल होते हैं. कहा जाता है कि भगवान परशुराम ने जन्म के बाद Mount Kailash जाकर भगवान शिव से शस्त्र और शास्त्र की शिक्षा प्राप्त की थी. पहाड़ी की चोटी पर उनके पिता जमदग्नि का आश्रम भी बताया जाता है, जो इस स्थान की पौराणिक महत्ता को और बढ़ाता है.

इस पहाड़ी की सबसे अनोखी पहचान यह है कि इसे “साढ़े सात नदियों का उद्गम स्थल” माना जाता है. यहां मौजूद एक कुंड से कई नदियों की शुरुआत होती है, जिनमें चंबल, अजनार, सुमरिया, बालम, चोरल, कारम और नेकेड़ेश्वरी प्रमुख हैं.

दिलचस्प बात यह है कि कारम और नेकेड़ेश्वरी एक ही धारा में बहती हैं, इसलिए इन्हें मिलाकर आधी नदी माना जाता है. इसी वजह से यहां ‘साढ़े सात नदियों’ की मान्यता प्रचलित है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह क्षेत्र औषधीय पौधों से भी समृद्ध है. मान्यता है कि माता रेणुका ने यहां कई दुर्लभ जड़ी-बूटियां उगाई थीं. आज भी आयुर्वेद से जुड़े लोग इस इलाके में औषधीय वनस्पतियों की खोज के लिए आते हैं.

Janapav Hill सिर्फ एक खूबसूरत पहाड़ी नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और प्राकृतिक रहस्यों का ऐसा संगम है, जो इसे मध्य प्रदेश के खास पर्यटन स्थलों में शामिल करता है.

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