स्कूल के नाम पर अवैध मदरसा और हॉस्टल, सिर्फ मुस्लिम छात्राओं को दी जा रही थी शिक्षा, एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

मंदसौर: मध्य प्रदेश के मंदसौर पहुंची मप्र बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने बड़ा आरोप लगाया है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया है कि स्कूल के नाम पर कथित रूप से मदरसे का संचालन हो रहा है। मौके पर 100 से अधिक बच्चियों के सामान मिले हैं। लेकिन पोर्टल पर 36 बच्चियों का रिकॉर्ड मिला है। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि यहां हॉस्टल मान्यता के बिना संचालित हो रहा था।
बादाखेड़ी गांव में हो रहा है संचालन
दरअसल, मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ निवेदिता शर्मा तीन दिवसीय मंदसौर दौरे पर हैं। दौरे के दूसरे दिन आज अचानक वे जिले के बादाखेड़ी गांव में संचालित हो रहे स्कूल पर पहुंची। जहां बेहद ही चौंकाने वाले खुलासे हुए है। यहां स्कूल के नाम से अवैध मदरसे का संचालन किया जा रहा था। रिकॉर्ड में मौजूद बच्चियों की संख्या से अधिक बच्चियों का सामना आयोग को मिला।
एक ही वर्ग के छात्राओं को पढ़ाया जा रहा
वहीं, छात्र और छात्राओं दोनों की अनुमति के बावजूद सिर्फ एक ही वर्ग की छात्राओं को पढ़ाया जा रहा था। आयोग ने इसको लेकर शिक्षा विभाग को एफआईआर करने की अनुशंसा की है।
स्कूल की आड़ में मदरसा का संचालन
जांच में यह पता चला कि स्कूल की आड़ में मदरसा संचालित किया जा रहा था। जहां सिर्फ छात्राओं को ही शिक्षा दी जा रही थी। आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि मंदसौर के बादाखेड़ी गांव में निरीक्षण के दौरान बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। यहां मोइनिया एजुकेशन सोसायटी के नाम से स्कूल की जगह मदरसे और हॉस्टल का संचालन किया जा रहा है।




