छत्तीसगढ़

कौन हैं स्‍वामी चिन्मयानंद जिन्होंने दान कर दी अपनी 550 करोड़ की संपत्ति

शाहजहांपुर: पूर्व केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री और मुमुक्षु आश्रम के प्रमुख स्‍वामी चिन्‍मयानंद पिछले 24 घंटे से लगातार सुर्खियों में हैं। दरअसल उन्‍होंने अपनी 550 करोड़ की संपत्ति स्‍वामी शुकदेवानंद राज्‍य विश्‍वविद्यालय के नाम दान कर दी हैं। सोशल मीडिया पर लगातार यूजर्स ये खबर शेयर करते हुए स्‍वामी चिन्‍मयानंद की तारीफों के पुल बांध रहे हैं।

सब रजिस्‍ट्रार ऑफिस पहुंचकर स्‍वामी चिन्‍मयानंद ने पूरी प्रक्रिया पूरी की। राज्‍यपाल की ओर से बरेली के उच्‍च शिक्षा अधिकारी प्रोफेसर सुधीर चौहान ने दान पत्र पर हस्‍ताक्षर किए। इससे रजिस्‍ट्री विभाग को 2 करोड़ 15 लाख का‍ निबंधन शुल्‍क मिला।


तीन बार रह चुके हैं सांसद

आपको बता दें कि स्‍वामी चिन्‍मयानंद भाजपा के वरिष्‍ठ नेता हैं। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान वह केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री का पद संभाल चुके हैं। वे पहली बार 1991 में बदायूं लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। इसे बाद वह 1998 में मछली शहर और 1999 में जौनपुर से लोकसभा सांसद रहे।


रामजन्‍मभूमि आंदोलन में निभाई बड़ी भूमिका

स्‍वामी चिन्‍मयानंद ने रामजन्‍मभूमि आंदोलन के दौरान गोरखपुर के महंत अवेद्यनाथ के साथ मिलकर सक्रिय भूमिका निभाई थी। वे शाहजहांपुर में मुमुक्ष आश्रम और कई शिक्षण संस्‍थानों व कॉलेजों का संचालन करते हैं।


2019 में लॉ स्‍टूडेंट ने दुष्‍कर्म के लगाए थे आरोप

2019 में स्‍वामी चिन्‍मयानंद बड़े विवाद में आ गए थे। एक लॉ कॉलेज की छात्रा ने उन पर दुष्‍कर्म के गंभीर आरोप लगाए थे। काफी समय तक चिन्‍मयानंद जेल में रहे। 2024 में लंबी अदालती कार्रवाई के बाद वह इन आरोपों से बरी हो गए।


2024 में राजनीति से ले लिया संन्‍यास

2024 में जेल से बाहर निकले के बाद स्‍वामी चिन्‍मयानंद ने राजनीति से संन्‍यास ले लिया। अब वह पूरी तरह से मुमुक्ष आश्रम के संचालन कार्य में रमे हुए हैं। शाहजहांपुर यूनिवर्सिटी को अपनी संपत्ति दान करने के बाद स्‍वामी ने कहा कि उनके मुमुक्ष आश्रम की संपत्ति हमेशा समाज के नाम समर्पित रहा है। हम चाहते हैं कि लोगों के हाथ में कलम हो कट्टे नहीं। इसलिए उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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