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99% लोग नहीं जानते Cooler से डाला पानी जाता कहां है और AC में आता कहां है

इस भीषण गर्मी से बचने के लिए ज्यादातर घरों में Cooler और AC का इस्तेमाल किया जा रहा है. कूलर चलाने से पहले उसमें बार-बार पानी भरना पड़ता है, जबकि AC बिना पानी डाले ही कमरे को ठंडा कर देता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है, कि कूलर में पानी डालने के बाद सारा पानी जाता कहां है और एसी में बिना पानी डाले इतना पानी आता कहां से है? दरअसल, दोनों ही मशीनें कमरे को ठंडा करने का काम करती हैं, लेकिन इनके पीछे काम करने वाली तकनीक एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होती है. इसी वजह से इनके पानी का पूरा खेल भी अलग होता है. आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण.

कूलर का पानी आखिर कहां चला जाता है?

कूलर वाष्पीकरण यानी Evaporation तकनीक पर काम करता है. जब हम कूलर में पानी भरते हैं, तो उसके अंदर लगा पंप उस पानी को कूलिंग पैड या हनीकॉम्ब पैड तक पहुंचाता है. इसके बाद जैसे ही कूलर चालू होता है, वह कमरे की गर्म हवा को अंदर खींचता है. यह गर्म हवा जब गीले कूलिंग पैड से गुजरती है, तो पैड पर मौजूद पानी धीरे-धीरे भाप में बदलने लगता है. इसी प्रक्रिया में हवा ठंडी हो जाती है और कूलर के पंखे के जरिए कमरे में पहुंचती है. यानी कि कूलर में डाला गया ज्यादातर पानी वाष्प बनकर हवा में मिल जाता है. यही वजह है कि कुछ घंटों बाद कूलर का टैंक खाली होने लगता है. इसके अलावा पानी का थोड़ा हिस्सा हवा के साथ बेहद छोटे छींटों या नमी के रूप में भी बाहर निकल जाता है.

AC से पानी कैसे निकलता है?

अब सवाल आता है कि AC में तो हम पानी डालते ही नहीं, फिर उसमें से पानी कैसे निकलता है? दरअसल, AC रेफ्रिजेशन तकनीक पर काम करता है. जब AC कमरे की गर्म हवा को अंदर खींचता है, तो वह हवा उसकी ठंडी कॉइल्स से टकराती है. गर्म हवा में पहले से मौजूद नमी ठंडी सतह के संपर्क में आते ही पानी की बूंदों में बदल जाती है. इस प्रक्रिया को संघनन यानी Condensation कहा जाता है. ठीक वैसे ही जैसे ठंडे गिलास के बाहर पानी की बूंदें जम जाती हैं. AC के अंदर बनने वाली यही पानी की बूंदें पाइप के जरिए बाहर निकलती रहती हैं. इसलिए AC चलाते समय उससे लगातार पानी टपकता दिखाई देता है.

Cooler और AC में यही है सबसे बड़ा फर्क

कूलर हवा में नमी बढ़ाकर कमरे को ठंडा करता है, इसलिए उसमें पानी लगातार खत्म होता रहता है. वहीं AC हवा की नमी को बाहर निकालकर कमरे को ठंडा करता है, इसलिए उसमें से पानी बाहर आता है. यही वजह है कि कूलर ज्यादा नमी वाले मौसम में उतना असरदार नहीं होता, जबकि AC उमस भरे मौसम में भी बेहतर कूलिंग देता है.

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