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रिफर्बिश्ड फोन लेना का बना रहे हैं मन? खरीदने से पहले जान लें ये 4 बड़े नुकसान

Refurbished Smartphones Disadvantages: कम पैसे में फीचर लोडेड फोन चाहने वालों के लिए रिफर्बिश्ड फोन एक अच्छी च्वॉइस हो सकती है. रिफर्बिश्ड फोन खूब पसंद किए जाते हैं और इनकी डिमांड लगातार बढ़ रही है, लेकिन इनके कुछ नुकसान भी होते हैं. अगर आप ऐसा फोन लेना चाह रहे हैं तो नुकसान की जानकारी होना जरूरी है. इसके बिना आपको फोन लेने के अपने फैसले पर पछताना पड़ सकता है. आज हम जानेंगे कि रिफर्बिश्ड फोन क्या होते हैं और इनके क्या नुकसान होते हैं.

क्या होते हैं रिफर्बिश्ड फोन?

कई बार यूजर पसंद न आने पर या किसी गड़बड़ के कारण कंपनी को वापस लौटा देते हैं. कंपनी इनकी टेस्टिंग करती है और कमियों को दूर कर फिर से नया जैसा बना देती है. ये फोन न तो एकदम नए होते हैं और न ही पुराने. इस कारण ये सस्ती कीमत पर मिल जाते हैं.

क्या हैं रिफर्बिश्ड फोन के नुकसान?

वारंटी को लेकर चिंता- रिफर्बिश्ड फोन में आपको नए फोन जैसी वारंटी नहीं मिलती. कुछ फोन में सेलर आपको लिमिटेड वारंटी दे सकता है, लेकिन यह नए फोन के बराबर नहीं होती. अगर आप ज्यादा पुराना मॉडल खरीद रहे हैं तो वारंटी और भी कम हो जाती है. इसलिए रिफर्बिश्ड फोन में वारंटी को लेकर चिंता बनी रहती है.

सॉफ्टवेयर सपोर्ट- अगर आप गूगल, ऐप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियों को छोड़कर बाकी ब्रांड्स के किसी पुराने रिफर्बिश्ड फोन को खरीदते हैं तो आपको लेटेस्ट सॉफ्टवेयर सपोर्ट नहीं मिलेगा. कुछ साल पहले तक कई कंपनियां एक साल तक सॉफ्टवेयर अपग्रेड प्रॉमिस करती थी. अगर आप उस दौरान का कोई फोन लेते हैं तो सॉफ्टवेयर अपग्रेड को लेकर आपको निराशा झेलनी पड़ सकती है.

ऑरिजनल कंपोनेंट की कमी- अगर आप किसी भरोसेमंद रिसेलर से रिफर्बिश्ड फोन नहीं खरीदते हैं तो इसमें थर्ड-पार्टी कंपोनेंट लगे हो सकते हैं. अगर स्क्रीन जैसा जरूरी पार्ट ऑरिजनल नहीं है तो आपको कुछ समय बाद ही टचस्क्रीन फंक्शनलिटी में प्रॉब्लम जैसे इश्यू फेस करने पड़ सकते हैं. नए फोन में 

कम रीसेल वैल्यू- रिफर्बिश्ड फोन की रीसेल और ट्रेड-इन वैल्यू कम होती है. इसका मतलब है कि अगर आप कुछ समय यूज के बाद यह फोन बेचना चाहेंगे तो हो सकता है कि आपको उम्मीद के मुताबिक कीमत न मिले. 

रिफर्बिश्ड फोन लेते समय इन बातों का रखें ध्यान

डिवाइस खरीदने से पहले उसकी फिजिकल कंडीशन जरूर देखें. केवल फोटो-वीडियो देखकर पेमेंट न करें. फोटो-वीडियो से डिवाइस की असली कंडीशन पता नहीं चलती. इसी तरह फोन खरीदने से पहले उसकी बैटरी हेल्थ को भी जरूर चेक करें.

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