महाराष्ट्र

ठाणे में चलती बाइक पर गिरा नारियल का पेड़, एक्स डिप्टी मेयर के बेटे की मौत

ठाणे : महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा-भायंदर शहर में भारी बारिश और तेज हवा के बीच नारियल का एक पेड़ गिरने से पूर्व उपमहापौर के 35 वर्षीय बेटे की दबकर मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान राहुल अशोक पाटिल के रूप में हुई है और वह मुरधागांव के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि राहुल मीरा-भायंदर नगर निगम (एमबीएमसी) के पूर्व उपमहापौर के बेटे थे। घटना बुधवार को हुई थी, राहुल इसमें घयाल हो गए थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दो दिन बाद राहुल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

जिला प्रशासन के अनुसार, बुधवार शाम राहुल पाटिल सदानंद नगर क्षेत्र में अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे कि तभी भारी बारिश और तेज हवा के कारण जड़ से उखड़ा नारियल का एक पेड़ उनकी बाइक पर गिर पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि राहुल पाटिल को गंभीर चोटें आई थीं और उन्हें गंभीर हालत में पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गर्दन और रीढ़ की हड्डी टूट गई थी

अधिकारियों ने बताया कि इस मानसून में शहर में बारिश से जुड़ी यह पहली मौत है। पुलिस ने बताया कि यह हादसा बुधवार शाम को हुआ जब राहुल भायंदर-उत्तन रोड से अपने घर जा रहे थे। जब वे राय गांव के सदानंद नगर से गुजर रहे थे, तो सड़क किनारे लगा नारियल का पेड़ उन पर गिर गया। उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था और उनकी गर्दन और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं।

भायंदर वेस्ट में पेट्रोल भरवाने गया था राहुल

आस-पास के लोग उन्हें भायंदर के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां उन्हें इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया। डॉक्टर उनकी गर्दन की क्षतिग्रस्त वर्टिब्रा (रीढ़ की हड्डी के मनके) को बदलने के लिए सर्जरी की तैयारी कर रहे थे, लेकिन सर्जरी होने से पहले ही उनकी मौत हो गई। राहुल अविवाहित थे और मुर्धा गांव में अपने माता-पिता और बहन के साथ रहते थे। परिवार के दोस्तों ने बताया कि वे अपनी मोटरसाइकिल में पेट्रोल भरवाने भायंदर ईस्ट गए थे, लेकिन पेट्रोल पंप पर भीड़ होने के कारण वे भायंदर वेस्ट के एक फ्यूल स्टेशन चले गए। पेट्रोल भरवाकर घर लौटते समय यह हादसा हुआ।

गर्दन और रीढ़ की हड्डी टूट गई थी

अधिकारियों ने बताया कि इस मानसून में शहर में बारिश से जुड़ी यह पहली मौत है। पुलिस ने बताया कि यह हादसा बुधवार शाम को हुआ जब राहुल भायंदर-उत्तन रोड से अपने घर जा रहे थे। जब वे राय गांव के सदानंद नगर से गुजर रहे थे, तो सड़क किनारे लगा नारियल का पेड़ उन पर गिर गया। उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था और उनकी गर्दन और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं।

भायंदर वेस्ट में पेट्रोल भरवाने गया था राहुल

आस-पास के लोग उन्हें भायंदर के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां उन्हें इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया। डॉक्टर उनकी गर्दन की क्षतिग्रस्त वर्टिब्रा (रीढ़ की हड्डी के मनके) को बदलने के लिए सर्जरी की तैयारी कर रहे थे, लेकिन सर्जरी होने से पहले ही उनकी मौत हो गई। राहुल अविवाहित थे और मुर्धा गांव में अपने माता-पिता और बहन के साथ रहते थे। परिवार के दोस्तों ने बताया कि वे अपनी मोटरसाइकिल में पेट्रोल भरवाने भायंदर ईस्ट गए थे, लेकिन पेट्रोल पंप पर भीड़ होने के कारण वे भायंदर वेस्ट के एक फ्यूल स्टेशन चले गए। पेट्रोल भरवाकर घर लौटते समय यह हादसा हुआ।

मीरा भायंदर नगर निगम ने पेड़ों का सर्वे किया शुरू

इस बीच, मीरा भायंदर नगर निगम (MBMC) ने अधिकारियों को शहर भर में खतरनाक पेड़ों का तुरंत सर्वे करने और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। विडंबना यह है कि उसी दिन बाद में, भायंदर में एक नारियल का पेड़ गिरने से एक मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई। MBMC कमिश्नर राधाबिनोद शर्मा ने सभी वार्ड कार्यालयों को शहर भर में खतरनाक पेड़ों की तुरंत पहचान करने का निर्देश दिया। आदेश में अधिकारियों को ऐसे पेड़ों की भौतिक रूप से जांच करने, उन्हें जियो-टैग करने, उनकी तस्वीरें लेने और 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया। सर्कुलर में यह भी चेतावनी दी गई कि लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अगर पेड़ गिरने की किसी घटना से जान-माल का नुकसान होता है तो संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

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