मध्यप्रदेश

 गिरिबाला सिंह को तगड़ा झटका, रहेंगी जेल के अंदर, कोर्ट ने नहीं मानी बात

Twisha Sharma Mother In Law Giribala Singh: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में उनकी सास और मुख्य आरोपी गिरिबाला सिंह को अदालत से एक और बड़ा झटका लगा है. शनिवार को भोपाल की सेशन कोर्ट ने मामले की गंभीरता और सीबीआई की दलीलों को ध्यान में रखते हुए गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है.

अदालत में सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह के वकील ने जमानत के पक्ष में कई दलीलें पेश कीं. दूसरी तरफ मामले की जांच कर रही सीबीआई के वकील ने जमानत का कड़ा विरोध किया. सीबीआई ने अदालत के समक्ष मामले से जुड़े कई अहम तथ्य और साक्ष्य रखे, जिनके आधार पर कोर्ट ने फिलहाल याचिका को खारिज करने का फैसला सुनाया. अभी मामले में अदालत के विस्तृत आदेश पत्र इंतजार किया जा रहा है.

12 मई को ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. इसके बाद सास गिरिबाला सिंह ने 15 मई को अग्रिम जमानत ले ली थी. फिर 27 मई को हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निचली अदालत के फैसले को पलट दिया

कानूनी उतार-चढ़ाव:

15 मई: निचली अदालत ने आरोपी गिरिबाला सिंह को राहत देते हुए जमानत प्रदान की थी.

27 मई: जबलपुर हाईकोर्ट ने रद्द की थी गिरिबाला की जमानत.

20 जुलाई: हाईकोर्ट के रुख के बाद गिरिबाला सिंह की ओर से दोबारा जमानत याचिका दायर की गई थी. इसके बाद दो महिला जजों ने खुद को सुनवाई से बाहर कर लिया था. फिर केस सीबीआई के स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर किया गया, जहां के जज ने भी खुद को केस से हटा लिया. इसके बाद चौथे जज ने सुनवाई की और शुक्रवार को फैसले को सुरक्षित रख लिया था.

25 जुलाई: सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने उनपर लगे आरोपों को गंभीर माना है. इसी वजह से बेल नहीं दी है.

गिरिबाला सिंह की बढ़ी मुश्किलें
गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में बताया था कि वह एक महिला हैं और रिटायर्ड जज भी हैं. उनकी बढ़ती हुई उम्र को देखते हुए उन्हें जमानत मिलनी चाहिए. दूसरी तरफ सीबीआई की तरफ से कहा गया कि सिर्फ महिला होने के आधार पर जमानत देना सही नहीं होगा और इससे केस की जांच भी प्रभावित हो सकती है. अब जमानत याचिका खारिज होने के बाद गिरिबाला सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

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