कभी कैप्सूल निगला तो कभी जूसर में छिपाया सोना, इंदौर एयरपोर्ट पर दुबई से आए तस्करों के पैंतरे देख उड़े होश

Airport Gold Smuggling: मध्य प्रदेश के इंदौर एयरपोर्ट पर सोना तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. तस्कर हर बार सोना छिपाने का तरीका बदल देते हैं, लेकिन तस्करी का सिलसिला रुक नहीं रहा है. कभी सोने का पेस्ट बनाकर कैप्सूल में छिपाया गया, तो कभी पोर्टेबल स्पीकर, जूसर और मिक्सर के पार्ट्स में सोना छिपाकर लाया गया.
पिछले सात सालों में दुबई, अबूधाबी समेत अन्य शहरों से इंदौर लाए जा रहे सोने की तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं. अभी हाल ही में अबूधाबी से इंदौर आई फ्लाइट में डीआरआई (Directorate of Revenue Intelligence) ने एक किलो से ज्यादा सोना पकड़ा. इस मामले में विमानन कर्मचारी समेत पांच लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.
कब-कब पकड़ी गई सोने की तस्करी?
सितंबर 2019: इंदौर-दुबई फ्लाइट शुरू होने के करीब एक महीने बाद डीआरआई ने बड़ी कार्रवाई की थी. दुबई से आए सात लोगों के पास से करीब 5.5 किलो सोना बरामद हुआ था. आरोपियों ने सोने का पेस्ट बनाकर उसे कैप्सूल में छिपाया था. कुछ कैप्सूल शरीर में भी छिपाए गए थे.
अगस्त 2026: अबूधाबी से इंदौर आई फ्लाइट में एक किलो से ज्यादा सोना पकड़ा गया. जांच में विमान कर्मचारी की भूमिका सामने आई. एयरपोर्ट के बाहर एक ड्राइवर और सराफा कारोबारी को भी हिरासत में लिया गया.
DRI क्या कार्रवाई करती है?
ऐसे मामलों में डीआरआई कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत कार्रवाई करती है. एक्ट की धारा 135 के तहत दोषी को 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है. तस्करी का सोना जब्त कर राजसात किया जा सकता है और धारा 112 के तहत आर्थिक दंड भी लगाया जाता है. डीआरआई सोने की जब्ती के बाद तस्करी के पूरे नेटवर्क, फंडिंग और इसमें शामिल अन्य लोगों की जांच करती है. अगर किसी एयरपोर्ट कर्मचारी की भूमिका सामने आती है, तो डीआरआई की कार्रवाई के साथ इससे जुड़े विभाग अलग से निलंबन या बर्खास्त जैसी विभागीय कार्रवाई कर सकता है.




