दिल्ली
‘चौड़ी रोड और मेट्रो पास होने से जमीन कमर्शियल नहीं हो जाती’, दिल्ली मास्टर प्लान 2047 से जुड़े सवालों का सटीक जवाब

नई दिल्ली: दिल्ली में मास्टर प्लान को लेकर जमीन, कमर्शल यूज, लैंड पूलिंग, मेट्रो नेटवर्क और पुरानी कॉलोनियों से जुड़े कई सवाल लोगों के मन में हैं। NBT के कई रीडर्स ने अपनी जमीन और भविष्य के विकास से जुड़े सवाल भेजे हैं। नए प्लान का आप पर क्या असर हो सकता है, इसका जवाब दे रही हैं DDA कमिश्नर (प्लानिंग) मंजू पॉल।
मास्टर प्लान-2047 के तहत कश्मीरी गेट मोटर मार्केट का क्या होगा?
- MPD-2047 में कश्मीरी गेट और आसपास के इलाके में ट्रैफिक, पार्किंग, पैदल चलने की सुविधा, व्यावसायिक गतिविधियों और पूरे क्षेत्र के सुधार पर जोर दिया गया है। कश्मीरी गेट मोटर मार्केट के संबंध में कोई भी खास बदलाव उस इलाके के जोनल प्लान, लेआउट प्लान, लैंड यूज और भविष्य में बनाई जाने वाली रीडिवेलपमेंट स्ट्रैटेजी के हिसाब से होगा। अधिक जानकारी के लिए MPD के चैप्टर-4 के सेक्शन 4.7 को देख सकते हैं।
मास्टर प्लान मे नजफगढ़ और उजवा गांव के लिए क्या है?
- नजफगढ़ और उजवा के कई इलाकों लैंड पूलिंग के प्लानिंग फ्रेमवर्क में आते हैं। लैंड पूलिंग के जरिए इन इलाकों में योजनाबद्ध तरीके से आवास, सड़क, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं के विकास का प्रावधान है। अधिक जानकारी के लिए चैप्टर-4 के सेक्शन 4.1 में लैंड पूलिंग के प्रावधान देखे जा सकते हैं।
दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 695 किलोमीटर होगा, इसमे कौन-कौन से रूट होगे?
- MPD-2047 में सभी मेट्रो रूट और स्टेशनों की अलग-अलग लिस्ट नही दी गई है। प्रस्तावित नेटवर्क को समझने के लिए मास्टर प्लान के मैप -1: लैड यूज प्लान और मैप-3 : ट्रांसपोर्ट नेटवर्क प्लान को देखा जा सकता है।
हमारे पास मुख्य शिवाजी मार्ग, नजफगढ़ पर 2.5 एकड़ जमीन है। सामने 30 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क और मेट्रो लाइन है। क्या इसका कमर्शल यूज हो सकता है?
- केवल 30 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क या मेट्रो लाइन के पास जमीन होने से वह जमीन अपने आप कमर्शल नहीं हो जाती। नजफगढ़ के कई इलाके लैंड पुलिंग के प्लानिंग फ्रेमवर्क में आते हैं। साथ ही मेट्रो के आसपास के कुछ क्षेत्र TOD (ट्रांजिट ओरिएंटेड डिवेलपमेंट) के प्रावधानों के अंतर्गत भी आ सकते हैं। इसलिए आपकी जमीन पर कमर्शल यूज की इजाजत है या नहीं यह उसकी सटीक लोकेशन के हिसाब से ही तय किया जा सकता है।




