बाहर का खाना नहीं फिर भी हाई है कोलेस्ट्रॉल? घर की इन चीजों को मान रहे हैं हेल्दी तो हो जाएं सावधान

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की बात सामने आते ही अक्सर लोग इसका जिम्मेदार बाहर के खाने को मान लेते हैं. बर्गर, पिज्जा, समोसा, फ्रेंच फ्राइज और ज्यादा तेल में बनी चीजों को लेकर सबसे पहले चिंता होती है. इसी सोच के चलते कई लोगों को लगता है कि घर का खाना खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा नहीं रहता. लेकिन हकीकत इससे अलग हो सकती है. घर का खाना निश्चित रूप से बेहतर विकल्प हो सकता है, लेकिन सिर्फ घर का खाना खाना ही पर्याप्त नहीं है. वजन, शारीरिक गतिविधि और रोजाना खाने में शामिल चीजों की मात्रा भी कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित कर सकती है.
कोलेस्ट्रॉल को अक्सर सेहत के लिए खराब समझ लिया जाता है, जबकि शरीर को इसकी कुछ मात्रा की जरूरत होती है. यह शरीर में कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए जरूरी है. समस्या तब पैदा होती है जब खून में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL का स्तर जरूरत से अधिक हो जाता है. लंबे समय तक LDL ज्यादा रहने पर धमनियों की दीवारों में फैटी डिपॉजिट जमा हो सकते हैं. इससे रक्त का प्रवाह प्रभावित हो सकता है और समय के साथ हृदय रोग तथा स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है.
जीन भी हो सकते हैं जिम्मेदार
हर बार बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के पीछे गलत खानपान या खराब लाइफस्टाइल ही जिम्मेदार हो, यह जरूरी नहीं है. कुछ लोगों में आनुवंशिक कारण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. अगर परिवार में कम उम्र में हार्ट अटैक, स्ट्रोक या बहुत ज्यादा कोलेस्ट्रॉल का इतिहास रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कुछ genetic conditions में शरीर LDL को खून से बाहर निकालने में ठीक तरह से काम नहीं कर पाता. ऐसे मामलों में व्यक्ति संतुलित डाइट लेने के बावजूद हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझ सकता है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
घर पर खाना बनाना अच्छी आदत है, लेकिन इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उसकी मात्रा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. घी, मक्खन, मलाई और कुछ अन्य animal-based foods में saturated fat अधिक हो सकता है. इनका जरूरत से ज्यादा सेवन LDL cholesterol बढ़ाने में योगदान दे सकता है. इसलिए सिर्फ तेल की मात्रा कम करने के बजाय यह देखना भी जरूरी है कि भोजन में किस तरह का fat इस्तेमाल हो रहा है और कुल मात्रा कितनी है.
रोज डीप फ्राइड खाना भी सही नहीं
पूरी, कचौड़ी, पकौड़े और दूसरी तली हुई चीजें अगर कभी-कभार खाई जाएं तो स्थिति अलग है. लेकिन इन्हें नियमित भोजन का हिस्सा बना लेने से वजन बढ़ने और दिल की सेहत पर नकारात्मक असर पड़ने का खतरा बढ़ सकता है. खासकर तब जब दिनभर शारीरिक गतिविधि बहुत कम हो. इसलिए यह देखना जरूरी है कि खाना घर पर बना है या बाहर का, इसके साथ यह भी ध्यान दें कि उसे किस तरीके से तैयार किया गया है और आपकी प्लेट में उसकी मात्रा कितनी है.




