मनोरंजन

बॉक्स ऑफिस पर ‘टॉक्सिक’ की सांसें फूलीं, पहले ही मंडे टेस्ट में फेल, 25वें दिन भी ‘हनुमान अंश’ का जलवा बरकरार

नई दिल्ली. बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों दो बिल्कुल अलग फिल्मों की कहानी देखने को मिल रही है. एक तरफ यश की बड़े बजट वाली ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ है, जिसने पहले ही दिन 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सनसनी मचा दी थी, लेकिन अब इसकी कमाई लगातार नीचे जा रही है. वहीं, दूसरी तरफ महज करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ है, जिसने शुरुआत में बेहद धीमी रफ्तार के बाद अचानक ऐसी पकड़ बनाई कि अब फिल्म बजट से कई गुना करोड़ रुपये के आंकड़े के पार कर चुकी है.

यश, नयनतारा और कियारा आडवाणी स्टारर ‘टॉक्सिक’ ने 26 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक दी. फिल्म ने पहले दिन भारत में 101.10 करोड़ रुपये नेट का जबरदस्त कलेक्शन किया. इसके बाद कमाई में लगातार गिरावट देखने को मिली. दूसरे दिन फिल्म ने 37.65 करोड़ रुपये, तीसरे दिन 27.20 करोड़ रुपये, चौथे दिन 25.15 करोड़ रुपये और पांचवें दिन 23 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया. फाइल फोटो

जहां बड़े बजट की ‘टॉक्सिक’ की कमाई में गिरावट आ रही है. वहीं, नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी ‘हनुमान अंश’ ने 25वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बना रखी है. विशाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म मात्र 1.75 से 2 करोड़ रुपये के मामूली बजट में तैयार की गई थी.

‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ा सरप्राइज बनकर उभरी है. पहले दिन फिल्म ने करीब 10 लाख रुपये कमाए और शुरुआती दो हफ्तों में इसकी कमाई महज 1.48 करोड़ रुपये रही. लेकिन, तीसरे हफ्ते में फिल्म की किस्मत बदल गई. पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ के चलते दर्शक सिनेमाघरों तक पहुंचने लगे और तीसरे हफ्ते में फिल्म ने 10.40 करोड़ रुपये का कारोबार किया. इसके बाद 22वें दिन 6.25 करोड़ रुपये, 23वें दिन 9.25 करोड़ रुपये और 24वें दिन 12.75 करोड़ रुपये की शानदार कमाई हुई. 

अब 25वें दिन यानी चौथे सोमवार को फिल्म ने 5.15 करोड़ रुपये नेट कमाए. सैकनिल्क के मुताबिक, इसकी कुल भारत नेट कमाई 45.28 करोड़ रुपये हो चुकी है और ग्रॉस कलेक्शन 53.43 करोड़ रुपये हो गया है. करीब 1.75-2 करोड़ रुपये के बजट वाली यह फिल्म अब अपने बजट से कई गुना ज्यादा कमाई कर चुकी है.

फिल्म ‘हनुमान अंश’ प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा की शुरुआती आध्यात्मिक यात्रा और उनके जीवन के सेवाभाव पर आधारित है. कहानी एक ऐसे दुखी बालक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी दिवंगत मां से मिलने के लिए ईश्वर की खोज में निकलता है और बाद में निस्वार्थ प्रेम, भोजन और मूक आशीर्वाद के जरिए मानवता की सेवा करते हुए ‘हनुमान अंश’ यानी नीम करोली बाबा के रूप में जाना जाता है.

Related Articles

Back to top button