दिल्ली

DTC ड्राइवरों की हड़ताल पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, सरकार से पूछा- अब तक ESMA क्यों नहीं लगाया?

नई दिल्ली: हाई कोर्ट ने DTC बस हड़ताल पर सरकार से पूछा कि सेवा प्रभावित होने के बावजूद कर्मचारियों पर एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) लागू करने का फैसला क्यों नहीं हुआ। कोर्ट ने समीक्षा कर कानून के मुताबिक फैसला लेने और बसें चलाने को कहा।

चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया बेंच अमी सिसोदिया की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। DTC वकील अवनीश अहलावत ने कहा कि ड्राइवरों की यूनियन नहीं है। अनाधिकृत लोग वॉट्सऐप से प्रदर्शन करा रहे हैं और बसों में तोड़फोड़ हुई। 96% बसें लौट आई हैं। ESMA की फाइल सरकार को भेजी गई है। याचिकाकर्ता ने कहा, 15 सितंबर से हड़ताल से लाखों लोग प्रभावित हैं। छात्र, दिहाड़ी मजदूर, नौकरीपेशा, बुजुर्ग, मरीज, दिव्यांग और कमजोर यात्री परेशान हैं। महिलाओं को मुफ्त यात्रा नहीं मिल रही और विकल्प लेने पड़ रहे हैं। कोर्ट ने याचिका निपटाकर कहा कि सुधार नहीं होने पर फिर याचिका दायर की जा सकती है।

अतिरिक्त फेरे लगा रही मेट्रो

डीटीसी बसों की हड़ताल ने मेट्रो में यात्रियों की संख्या बढ़ा दी है। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए डीएमआरसी ने ट्रेनों के अतिरिक्त फेरे बढ़ा दिए हैं। 16 सितंबर से रोजाना 20 से 50 अतिरिक्त ट्रिप संचालित किए जा रहे हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर 21 और 22 सितंबर को 10-10 अतिरिक्त ट्रेनें भी चलानी पड़ीं। डीएमआरसी के अनुसार, यात्रियों की संख्या पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार मेट्रो के ट्रिप बढ़ाए जा रहे हैं। हड़ताल के दौरान यात्रियों को राहत देने के लिए मेट्रो सेवाओं को मांग के अनुसार बढ़ाया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी यात्रियों की संख्या के आधार पर अतिरिक्त ट्रिप चलाए जा सकते हैं।

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