मध्यप्रदेश

अंजड़ के गणेश जुलूस में लॉरेंस बिश्नोई का पोस्टर लहराना पड़ा भारी, 25 साल का साजिद गिरफ्तार, जेल भेजा

बड़वानी: मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के अंजड़ में गणेशोत्सव के समापन पर निकाले गए धार्मिक जुलूस में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का कथित आपत्तिजनक पोस्टर लहराने के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान साजिद उर्फ गोल्डी (25), निवासी गांधी मार्ग, वार्ड नंबर-1, अंजड़ के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे केंद्रीय जेल बड़वानी भेज दिया है।

26 सितंबर की रात अंजड़ में गणेशोत्सव के समापन पर विभिन्न झांकियों के साथ चल समारोह निकाला गया था। ठीकरी रोड और राजपुर रोड से निकली झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इसी दौरान एक युवक द्वारा लॉरेंस बिश्नोई की तस्वीर वाला आपत्तिजनक पोस्टर प्रदर्शित किए जाने की जानकारी सामने आई। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए। वीडियो में कुछ युवाओं के हाथों में छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के साथ बिश्नोई की तस्वीर वाले पोस्टर दिखाई देने की बात सामने आई।

पुलिस के मुताबिक समारोह के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात था। पोस्टर प्रदर्शित किए जाने की सूचना मिलने के बाद अंजड़ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए साजिद उर्फ गोल्डी को हिरासत में लिया। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर और एसडीओपी महेश सुनैया के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई।

खरगोन में 10 करोड़ की धमकी का मामला

लॉरेंस बिश्नोई का नाम मध्यप्रदेश में रंगदारी की धमकियों से जुड़े मामलों में भी सामने आया है। इसी वर्ष खरगोन जिले में एक कारोबारी के घर फायरिंग के बाद उसके परिवार को कथित तौर पर वीडियो भेजकर 10 करोड़ रुपये की मांग किए जाने का मामला सामने आया था। पुलिस जांच में इस मामले में बिश्नोई गैंग के कथित ऑपरेटिव हैरी बॉक्सर के नाम का इस्तेमाल कर धमकी दिए जाने की बात सामने आई थी। पुलिस ने बाद में इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

इंदौर, खरगोन, भोपाल और अशोकनगर समेत मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में भी बिश्नोई गैंग के नाम पर कारोबारियों को रंगदारी के लिए धमकियां मिलने के मामले सामने आ चुके हैं। इन मामलों की जांच में पुलिस ने सोशल मीडिया और विदेश में बैठे कथित गैंग ऑपरेटिव के माध्यम से धमकी भेजे जाने के पहलू की भी पड़ताल की है।

अंजड़ की घटना के बाद पुलिस अब वायरल वीडियो और पोस्टर से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। धार्मिक जुलूस के दौरान इस तरह के पोस्टर प्रदर्शित किए जाने से कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है।

फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर युवाओं की पहचान और पूरे घटनाक्रम के कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है। अंजड़ की घटना और खरगोन के रंगदारी मामले के बीच सीधे संबंध की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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